खुलासा . पूछताछ में कई बाइक चोरी में स्वीकारी संलिप्तता
मंगलवार तड़के नगर पुलिस ने किया था गिरफ्तार
समस्तीपुर : सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस के हत्थे चढ़ा बाइक चोर अर्जुन ने कई राज खोला है. अर्जुन के अनुसार इसके गिरोह में पवन के अलावा आधा दर्जन युवक शामिल हैं. जो घूम घूम कर समस्तीपुर के अलावा मुसरीघरारी, दलसिंहसराय व रेलवे क्षेत्रों में बाइक चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं. उसने स्वीकार किया है कि चोरी की बाइक वह विभिन्न गैरेजों में खपाता था. जिले के अंगारघाट के पास एक बाइक गैरेज में भी चोरी की बाइक बेचे जाने की जानकारी दी है.
गिरफ्तार अपराधी के अनुसार गैरेज संचालक मामले का खुलासा नही हो इसके लिए चोरी की बाइक को तुरंत पार्ट-पार्ट कर खोल देते थे. मरम्मत कराने आयी बाइकों में चोरी के वाहनों का पार्ट उपयोग कर ग्राहक से राशि वसूलते थे. वह इस कारोबार में गत छह महीने से लगा था. जल्द से जल्द अधिक रुपये कमाने के उद्देश्य से इस धंधे में आया था.
अंगारघाट के पास गैरजवाले को बेचता था मोटरसाइकिल
अमीर बनने के लिए बना चोर
अर्जुन ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया है कि वह गरीब परिवार से आता है वह अब जल्द से जल्द अमीर बनना चाह रहा था. उसकी इस ललक को पवन ने हवा दी. इसके बाद वह उसके साथ बाइक चोरी की घटनाओं में शामिल हो गया. चोरी की बाइक पड़ोसी जिला मुजफ्फरपुर, दरभंगा, बेगूसराय आदि जगहों पर खपाने के अलावा जिले के कुछ गैरेज संचालकों को भी उपलब्ध कराता था.
भीड़-भाड़वाले स्थानों पर लगी बाइक को बनाता था निशाना
पुलिस के समक्ष उसने बताया कि वह भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगी बाइक को अपना निशाना बनाता था. इसके लिए गिरोह के सदस्य बाइक चालक की रेकी करते थे. चालक बाइक लगाकर कहां जा रहा है. उसे बाहर आने में कितना देर लगेगा. इसके बाद वह मास्टर की से बाइक स्टार्ट कर फरार हो जाता था. बैंक, सरकारी व निजी कार्यालय, रेलवे स्टेशन, क्लीनिक आदि भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर लगी बाइक इसके निशाने पर होते थे.
