परिवाद पत्र को निर्वाचन आयोग ने किया निरस्त

समस्तीपुर : नगर परिषद के चार वार्ड पार्षदों के विरुद्ध राज्य निर्वाचन आयोग में दायर किये गये परिवाद पत्र को डीएम के जांच प्रतिवेदन के आधार पर निरस्त करते हुये परिवाद कर्ता सह वार्ड पार्षद सुजय कुमार को झटका दिया है. वहीं विगत कई माह से चार पार्षदों की सदस्यता चले जाने के अफवाहों पर […]

समस्तीपुर : नगर परिषद के चार वार्ड पार्षदों के विरुद्ध राज्य निर्वाचन आयोग में दायर किये गये परिवाद पत्र को डीएम के जांच प्रतिवेदन के आधार पर निरस्त करते हुये परिवाद कर्ता सह वार्ड पार्षद सुजय कुमार को झटका दिया है. वहीं विगत कई माह से चार पार्षदों की सदस्यता चले जाने के अफवाहों पर भी विराम लग गया है.

वार्ड पार्षद सुजय कुमार ने पार्षद शैलेश कुमार सिंह, रुबी चंचला, बिंदु देवी व राजीव रंजन सिंह के विरुद्ध दुराचार का आरोप लगाते हुये आयोग में परिवाद पत्र दायर किया था. जानकारी के अनुसार आयोग ने वाद संख्या 26/ 2016 की सुनवाई के बाद अपने आदेश में कहा है कि परिवादकर्ता के आवेदन पर आयोग ने डीएम से जांच प्रतिवेदन की मांग की थी. डीएम ने आयोग को भेजे अपने जांच प्रतिवेदन में मामले से जुड़े विभिन्न तथ्यों का खुलासा किया. जांच प्रतिवेदन के अनुसार नप इओ ने निविदा को निरस्त कर दिया था. साथ ही निविदा से संबंधित सीडी एक माह विलंब से भी उपलब्ध कराया गया.

आयोग ने माना है कि इस सीडी के साथ छेड़छाड़ से इंकार नहीं किया जा सकता है. जब निविदा पूर्ण नहीं हुयी तो इस निविदा से कोई लाभ वार्ड पार्षदों को नहीं हुआ. इस संबंध में वार्ड पार्षद राजीव रंजन सिंह ने बताया कि इओ ने विगत 31 जुलाई 2015 को हुये निविदा को 8 सितंबर 2015 को रद्द कर दिया था. इसी आधार पर दुराचार के आरोप से मुक्त किया गया है. उन्होंने बताया कि बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 18(2) के तहत प्रदत्त शक्ति के अधीन आयोग ने परिवाद पत्र को निरस्त करते हुये पार्षदों को दोष मुक्त कर दिया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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