समस्तीपुर : विगत 31 जनवरी को बिहार राज्य मध्याह्न भोजन योजना समिति के निदेशक ने डीपीओ एमडीएम को पत्र भेज पटोरी प्रखंड के बीआरपी व संवेदक को चयनमुक्त करने का निर्देश जारी किया था. साथ ही प्रतिवेदन पत्र निर्गत की तिथि से एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया था, लेकिन लापरवाह व्यवस्था के पेच में चयनमुक्ति की प्रक्रिया फिलहाल फंसी हुई है. निदेशक के निर्देश को ताख पर रख अन्य कार्य जारी है.
चयनमुक्त करने का निर्देश ताख पर
समस्तीपुर : विगत 31 जनवरी को बिहार राज्य मध्याह्न भोजन योजना समिति के निदेशक ने डीपीओ एमडीएम को पत्र भेज पटोरी प्रखंड के बीआरपी व संवेदक को चयनमुक्त करने का निर्देश जारी किया था. साथ ही प्रतिवेदन पत्र निर्गत की तिथि से एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया था, लेकिन लापरवाह […]

चयनमुक्ति की प्रक्रिया में विलंब होने से अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं. इस संबंध में जब डीइओ से पूछा गया, तो उन्होंने जानकारी नहीं होने की बात कह मामले को टाल दिया. एमडीएम प्रभारी संजय चौधरी ने एक कर्मी का हवाला देते हुए जल्द कार्रवाई करने की बात कही है. सूत्रों की मानें तो एमडीएम प्रभारी फिलहाल अपनी प्रतिनियुक्ति को निरस्त कराने में जुटे हैं. इससे संबंधित एक संचिका भी उन्होंने डीइओ कार्यालय को भेजी है.
डीइओ के निर्देश पर डीपीओ एसएसए ने उमवि उसराहा का निरीक्षण किया था. इसी प्रखंड के अन्य छह विद्यालयों का भी निरीक्षण डीपीओ के द्वारा किया गया. निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि विद्यालयों में मात्रा से कम वजन की चावल बोरी आपूर्ति की जाती है. बीआरपी एमडीएम के सफल संचालन के प्रति लापरवाह हैं. निरीक्षण प्रतिवेदन पर निदेशक ने कार्रवाई करते हुए चयनमुक्त करने का निर्देश दिया था.