समस्तीपुर : शहर में सड़क किनारे फुटपाथों पर दुकान लगाने वालों को अब प्रशासन व पुलिस वाले भी नहीं उजाड़ सकेंगे. इन्हें संरक्षण देने के लिये सरकार ने बिहार राज्य फुटपाथ विक्रेता नियमावली 2017 पर अपनी मुहर लगा दी है़ इस नियमावली के बाद निबंधित फुटपाथ विक्रेताओं को कोई नहीं उजाड़ सकेगा़ इसके साथ ही प्रतिबंधित क्षेत्र में अगर पहले से कोई फुटपाथ पर दुकान लगाये हुए है, तो उसे प्रतिबंधित क्षेत्र से हटाकर दूसरे जगह स्थापित किया जायेगा़
फुटपाथ संघ का चुनाव होगा व इसमें सरकारी पदाधिकारी के साथ फुटपाथ विक्रेता भी रहेंगे. फुटपाथ विक्रेता को नियत स्थान पर अपनी दुकानदारी करने के लिए जमीन उपलब्ध कराने के दिशा में अब तक कोई पहल भी नहीं की गयी है़ फुटपाथों पर दुकान लगाने वालों का कहना है कि प्रशासन की ओर से चलाये जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान से हमे कोई शिकायत नहीं है, किंतु इसके पहले हम चाहते हैं कि हमें शहर में कही भी स्थान उपलब्ध करा दिया जाये ताकि हम भयमुक्त होकर अपना व्यवसाय कर सके. फुटपाथ दुकानदारों की मानें तो नगर विकास विभाग और नगर परिषद की मनमानी व उपेक्षा के कारण फुटपाथ विक्रेताओं को वेंडिंग जोन अधिनियम का लाभ नहीं मिल रहा है़
पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों पर दुकान लगाने वालों को आजीविका का अधिकार देने की व्यवस्था तय की है, क्योंकि अक्सर इन छोटे दुकानदारों को मारपीट व दुर्व्यवहार का शिकार होना पड़ता है़ इन निर्देशों के तहत सरकार ने पथ विक्रेता (आजीविका संरक्षण व पथ विक्रय का विनियमन) अधिनियम व बिहार राज्य फुटपाथ विक्रेता नियमावली 2017 तैयार कर लिया है़ इस अधिनियम में नगर परिषद स्तर से नन वेंडिंग जोन व वेंडिंग जोन चिह्नित किये जाने की व्यवस्था है, जिस पर व्यापारियों, संबंधित दुकानदारों की आपत्तियां निस्तारित कर उसके लागू किये जाने के निर्देश हैं.
