गुस्सा. टूटे स्लैब व जलजमाव से आक्रोशित हैं वार्डवासी
समस्तीपुर : नगर परिषद क्षेत्र के समुचित विकास का सपना अब भी अधूरा नजर आ रहा है़ कई वार्डों में बुनियादी सुविधाओं का धरातल पर उतारने में भी कामयाबी नहीं मिल सका है़ पेयजल, सड़क, नाला जैसी सुविधाओं के लिये लोग आज भी टकटकी लगाये बैठे हैं. वार्ड पांच में हुए विकास कार्यों को आंकने का प्रयास किया गया़ क्षेत्र में पांच वर्षों में कई सड़कों का निर्माण कार्य संभव हो सका, लेकिन नाला का निर्माण सही फ्लों की ओर नहीं कराया जा सका़ गंदगी की नियमित रूप से सफाई नहीं हो पा रही है़ जलजमाव की समस्या जस-की-तस बनी हुई है़ वार्ड क्षेत्र में टूटे स्लैब के कारण सड़क हादसा नियति बन चुकी है़
काशीपुर लखना चौक से सीता सिन्हा रोड होते हुए बाबाकेड तक जानेवाली सड़क नहीं बनने कारण वार्ड के लोगों को कई समस्याओं से रू-रू-रू होना पड़ता है़ बड़े कूड़ादान की कमी के कारण यत्र-तत्र कूड़ा कर्कट का ढेर नजर आता है़ आधे-अधूरे नाला जाम पड़ा है़ कुल मिलाकर देखा जायें तो में विकास के नाम पर कुछ सड़कों के निर्माण के अलावा अन्य समस्याएं जस-की-तस नजर आ रही हैं.
परेशानी तो कई है, निदान नहीं हो रहा : निकटतम प्रत्याशी रहे एनके झा ने कहा कि वार्ड में ईमानदारी से समस्याओं का निदान नहीं किया गया है़ वार्ड पार्षद व नप प्रशासन बेहतर कार्ययोजना बना जलनिकासी का प्रबंध कर सकते थे, लेकिन प्रयास के नाम पर खानापूर्ति की गयी़
टूटे स्लैब को बदलने की मांग
वार्ड के राम कुमार सिंह का कहना है कि विकास के नाम पर कुछेक सड़कें बनी है़ं जलजमाव, सड़कों पर टूटे स्लैब, सड़कों की जजर्रता वार्ड की पहचान है़ प्रभाष कुमार झा ने बताया कि नालों की सही ढंग से उडाही जरूरी है, ताकि जल निकासी की व्यवस्था हो सके. रिवेश कुमार की माने तो वार्ड राजनीति का शिकार हैं. कभी वार्ड से स्लैब चोरी तो कभी टेंडर रद्द किये जाने का मामला प्रकाश में आता है़ बच्ची देवी का कहना है कि काशीपुर चौक पर हाई मास्टलाइट लगी हुई है, लेकिन जलती नहीं है़
जलनिकासी के लिए रहा प्रयासरत
वार्ड पार्षद शैलेश कुमार का कहना है कि अपने पूरे कार्यकाल में जलनिकासी के लिये रहा प्रयासरत रहा, लेकिन नप प्रशासन से उचित सहयोग नहीं मिल सका़ सीता सिन्हा रोड की जर्जरता दूर करने के लिये दो बार योजना में शामिल कराया लेकिन दोनों बार टेंडर रद्द कर दिया गया़ वार्ड में 10 पीसीसी सड़कों का निर्माण व 54 स्ट्रीट लाइटें लगवायी गयी है़ं
