रेल यात्रियों की सुरक्षा में लगे हैं तीन ‘डॉग’ इंस्पेक्टर
समस्तीपुर : स्थानीय स्टेशन की सुरक्षा में इन दिनों तीन ‘डॉग’ इंस्पेक्टर लगे हैं. जब तीनों निकलते हैं इनके पीछे पूरी लाम लश्कर चलती है. तीनों का रौब वरीय रेल अधिकारियों से भी ज्यादा है. चौंकिये नहीं बात आरपीएफ को उपलब्ध हीरो, माइकल व रानी नामक डॉक स्क्वायड की हो रही है. उसे इंस्पेक्टर रैंक […]
समस्तीपुर : स्थानीय स्टेशन की सुरक्षा में इन दिनों तीन ‘डॉग’ इंस्पेक्टर लगे हैं. जब तीनों निकलते हैं इनके पीछे पूरी लाम लश्कर चलती है. तीनों का रौब वरीय रेल अधिकारियों से भी ज्यादा है. चौंकिये नहीं बात आरपीएफ को उपलब्ध हीरो, माइकल व रानी नामक डॉक स्क्वायड की हो रही है. उसे इंस्पेक्टर रैंक का अधिकारी माना जाता है. तीनों का वेतन भी पुलिस पदाधिकारी से कम नहीं है. और इन्हें उपलब्ध सुविधा उन सबों से कहीं ज्यादा. जब यह ट्रेनों में सफर करेंगे, तो इन्हें रेलवे फस्ट एसी का पास उपलब्ध कराती है. समस्तीपुर रेल मंडल में आइएसआइ व नक्सलियों की धमक के बाद डॉग इंस्पेक्टरों की जवाबदेही बढ़ गयी है.
हालांकि, मंडल में अभी एक डॉग स्क्वायड के पद रिक्त हैं. उसकी बहाली के लिए प्रक्रिया चल रही है. बता दें कि प्रमुख ट्रेनों के समय में तीनों अपने सहयोगियों के साथ बोगियों की जांच करते हैं.
हीरो सूंघ कर पकड़ लेता है जमीन में गड़ा विस्फोटक : आरपीएफ के सीएनटी इंस्पेक्टर अशोक कुमार बताते हैं कि माइकल व हीरो जमीन के अंदर गाड़े गये विस्फोटक को भी सूंघ कर पकड़ लेता है, जबकि रानी चोर को देखते ही झपट पड़ती है. मंडल में नक्सली व आइएसआइ गतिविधि की सूचना के बाद तीनों से सुबह शाम महत्वपूर्ण ट्रेनों की जांच करायी जा रही हैं. उन्होंने कहा कि मंडल में एक डॉग स्क्वायड का पद लंबे समय से रिक्त चल रहा है. उसकी बहाली के लिए मुख्यालय से प्रक्रिया चल रही है. मुख्यालय से निर्देश के बाद बहाली की जायेगी.