समस्तीपुर : प्रत्येक वर्ष माघ मास शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी का पावन पर्व मनाया जाता है़ पुराण के अनुसार वसंत पंचमी में गृहस्थाश्रम से जुड़े लोगों को इस दिन सर्वप्रथम गणेश जी का ध्यान व पूजन तदुपरांत रति व कामदेव का ध्यान व पूजन करना चाहिए. यह जानकारी पंडित जेएस झा ने दी़ उन्होंने बताया कि ऐसी मान्यता है कि इस दिन रति व कामदेव के पूजन से गृहस्थ जीवन में सुख शांति समृद्धि एवं दायित्व निर्वहन में उत्साह की वृद्धि होती है़ इसी दिन शिक्षा कार्य से जुड़े जन माता सरस्वती का ध्यान व पूजन हर्षाेल्लास के साथ करते हैं. ऐसी मान्यता है कि
इस दिन विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के विधिवत ध्यान, पूजन और आराधना से माता की विशेष कृपा बनती है, जिससे मनचाही सफलता के साथ लक्ष्य प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है़ इसीलिए विद्यानुरागी पठन पाठन से जुड़े लोग और विद्यार्थी विद्यालयों या घरों में इस दिन विद्यादायिनी माता सरस्वती की आराधना श्रद्धा भक्ति एवं उत्साह के साथ करते हैं. इस बार पंचमी तिथि मंगलवार को रात्रि 3़ 25 बजे से प्रारंभ होकर बुधवार एक फरवरी को रात्रि 1़ 51 बजे तक रहेगी़ इसी प्रकार बुधवार को पंचमी तिथि दिनभर मिलेगी़ वसंत पंचमी एवं सरस्वती पूजा का पावन पर्व एक फरवरी बुधवार को मनाया जायेगा़ माता का पूजन उत्तराभाद्र पद नक्षत्र, मीन राशि एवं सिद्ध योग में किया जायेगा, जो विशेष फलदायी रहेगा़ इधर, विद्या की देवी मां शारदे की पूजा को लेकर शहर में छात्रों में उत्साह देखा जा रहा है़ मां सरस्वती की
