समस्तीपुर : इंस्पायर अवार्ड स्कीम (विज्ञान अनुसरण में अभिप्रेरित अनुसंधान के लिए अभिनव परिवर्तन) के तहत वर्ष 2016-17 के लिए विद्यार्थियों का पंजीयन नहीं हो रहा है़ निजी व सभी कोटियों के सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों की लापरवाही का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ सकता है़
समय रहते सक्रियता नहीं दिखाई गयी, विभिन्न कोटियों के विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थी सरकार की पुरस्कार योजना व इनोवेटिव आइडिया को प्रस्तुत करने से वंचित रह जायेंगे. उन्हें पुरस्कार नहीं मिल सकेगा केंद्रीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग ने इस वर्ष इंस्पायर अवार्ड स्कीम के तहत विद्यार्थियों को अॉनलाइन आवेदन आमंत्रित किया है. उनका चयन प्रोजेक्ट और मॉडल के माध्यम से इनोवेटिव आइडिया के लिये किया जाना है. विद्यार्थियों को आइडिया को आनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना है़ सरकारी व गैरसरकारी विद्यालय के छठी से दसवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को विज्ञान विषय में रुचि पैदा करने लिए केंद्र सरकार द्वारा चलायी जा रही ‘इंस्पायर अवार्ड योजना’ में न तो शिक्षक और न तो छात्र रुचि ले रहे हैं.
सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा छह से दसवीं के मेधावी व गरीब परिवार के विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ लेने के लिये 28 दिसंबर 16 से 20 जनवरी 17 तक रजिस्ट्रेशन की तिथि निर्धारित की गयी थी़ लेकिन इस अवधि में किसी स्कूल के छात्र पंजीकरण नहीं करा सके. इस योजना के तहत इसका लाभ लेने के लिये शर्त निर्धारित है़
