कर्मियों का मिला समर्थन आक्रोश. तीसरे दिन भी अनशन पर रहे सदर अस्पताल के डॉक्टर

लंबित वेतन व अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी समस्तीपुर : सदर अस्पताल के ओपीडी भवन के सामने वेतन भुगतान की मांग को लेकर बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी चिकित्सक अनशन पर बैठे रहे. बुधवार को आंदोलन पर बैठे चिकित्सकों को स्वास्थ्यकर्मियों का भी समर्थन मिल गया. स्वास्थ्यकर्मी भी […]

लंबित वेतन व अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी

समस्तीपुर : सदर अस्पताल के ओपीडी भवन के सामने वेतन भुगतान की मांग को लेकर बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी चिकित्सक अनशन पर बैठे रहे. बुधवार को आंदोलन पर बैठे चिकित्सकों को स्वास्थ्यकर्मियों का भी समर्थन मिल गया. स्वास्थ्यकर्मी भी चिकित्सक के अनशन स्थल पर काला बिल्ला लगाकर बैठे और आंदोलन को और अधिक तेज करने का निर्णय लिया.
बता दें कि 13 महीनों के लंबित वेतन भुगतान की मांग को लेकर चिकित्सकों ने ओपीडी के समक्ष सात दिवसीय क्रमवार अनशन सोमवार से शुरू कर रखा है. वहीं बिहार चिकित्सा जन स्वास्थ्य कर्मचारी महासंघ ने लंबित वेतन भुगतान, प्रोमोशन, एएनएम एवं जीएनएम के बकाये वेतन भुगतान की मांग की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर रखा है. अनशन स्थल पर डॉ एभी सहाय के नेतृत्व में डॉ बीपी राय, डॉ हेमंत सिंह, डॉ पुष्पा रानी, डॉ प्रतिभा कुमारी सहित कई चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे.
एक डॉक्टर से एक समय में दो जगहों पर ली ड्यूटी : सदर अस्पताल प्रशासन द्वारा बुधवार की सुबह एक चिकित्सक से एक ही समय में इमरजेंसी और ओपीडी दोनों जगहों पर ड्यूटी ली गयी. और संबंधित चिकित्सक ने एक साथ दोनों जगहों के मरीजों का इलाज भी किया. हुआ कुछ यूं कि नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ बीपी राय का सुबह के आठ बजे से इमरजेंसी में ड्यूटी लगाया गया था.
लेकिन ओपीडी के नेत्र विभाग में भी उनके नाम से ही पूर्जा काटा जा रहा था. और सबसे हास्यास्पद तो यह था कि संबंधित चिकित्सक उक्त दोनों जगहों के बजाय अनशन स्थल पर बैठे हुए थे. हां ये बात अलग थी कि अनशन स्थल पर ही बैठकर संबंधित चिकित्सक दोनों जगहों के मरीजों का इलाज कर रहे थे. इसको लेकर पूछे जाने पर चिकित्सक बीपी राय ने बताया कि उनके आंदोलन को प्रभावित करने के उद्देश्य से ऐसा किया गया है लेकिन वे ऐसा होने नहीं देंगे.
कोर्ट का आदेश भी नहीं मानता है अस्पताल प्रशासन : सदर अस्पताल प्रशासन पर कोर्ट के आदेश का भी कोई असर नहीं पड़ रहा है. तब तो न्यायालय के आदेश के तीन महीने बाद भी एक चिकित्सक के वेतन का भुगतान नहीं किया गया. जानकारी के मुताबिक, सदर अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ बीपी राय के वेतन पर वर्ष 2015 के नवंबर महीने में एक लंबित कांड में गवाही नहीं देने को लेकर कोर्ट ने रोक लगा दिया था. कोर्ट के मुताबिक जब तक चिकित्सक गवाही न दें तब तक उनके वेतन को रोकने का आदेश दिया गया था. इसके बाद उक्त चिकित्सक ने दो महीने के अंदर कोर्ट में उपस्थित होकर अपना गवाही दे दी.
नियमत: गवाही के बाद उक्त चिकित्सक के वेतन का भुगतान अस्पताल प्रशासन द्वारा कर दिया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. पीड़ित चिकित्सक ने अपने वेतन की भुगतान करने की मांग कई मर्तबा संबंधित पदाधिकारियों से की. लेकिन दस महीनों बाद भी उनके वेतन का भुगतान नहीं किया गया. इसके बाद उक्त चिकित्सक अपनी फरियाद लेकर न्यायालय पहुंचा.
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार उपाध्याय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उक्त डॉक्टर के वेतन भुगतान की दिशा में कार्रवाई करने का आदेश दिया, लेकिन उक्त आदेश के तीन महीनों बाद भी चिकित्सक के वेतन का भुगतान नहीं किया गया.

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