डेंगू. सरकारी अस्पतालों में इलाज व जांच की व्यवस्था नहीं
सदर अस्पताल के पैथोलॉजी में नहीं है डेंगू जांच किट की व्यवस्था, लौटाये जा रहे मरीज
समस्तीपुर : डेंगू जैसे वायरल व जानलेवा बीमारी को लेकर स्वास्थ्य महकमा सजग नहीं दिख रही है. जिले के सरकारी अस्पतालों में न तो इस बीमारी की जांच की समुचित व्यवस्था है और न ही मरीज के इलाज की. पिछले 24 घंटों के दौरान सदर अस्पताल में जिस तरह की घटनाएं सामने आयी हैं, उन घटनाओं ने सदर अस्पताल के व्यवस्था की कलई खोल दी है.
अस्पताल प्रशासन सिर्फ कागजों पर ही डेंगू से लड़ने की दावे ठोकती नजर आ रही है. डेंगू के करीब आधा दर्जन से अधिक ऐसे मरीजों का शहर के निजी क्लीनिकों में इलाज हो रहा है, जो पहले सदर अस्पताल में ही इलाज कराने पहुंचे थे. लेकिन यहां से उन्हें कुछ से कुछ कह कर बरगला दिया गया. इस कारण वेवश होकर मरीज निजी क्लीनिकों में इलाज करा रहे हैं. सोमवार की रात भी सदर अस्पताल में कुछ ऐसा ही हुआ है.
डेंगू पीड़ित का नहीं हुआ इंट्री
डेंगू के शिकार शिवाजीनगर के गंगौली निवासी दशरथ साह के पुत्र राम कुमार साह को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन इमरजेंसी वार्ड के सामान्य रजिस्टर एवं चिकित्सक के रजिस्टर इसकी इंट्री तक नहीं की गयी. अस्पताल सूत्रों की मानें तो मरीज के लिए अलग से वार्ड नहीं रहने के कारण बिना इंट्री किये ही अस्पताल में इलाज व जांच की व्यवस्था नहीं रहने का हवाला देते हुए मरीज को मौखिक रूप से ही रेफर कर दिया गया, जबकि उक्त मरीज के पास सभी तरह के जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध थे. उन रिपोर्ट के मुताबिक मरीज को डेंगू पॉजिटिव था और उसके प्लेटलेट्स मात्र 60 हजार ही थे.
घटना से अनभिज्ञ हैं डीएस
उक्त मरीज के इंट्री नहीं किये जाने की जानकारी से भी उपाधीक्षक डॉ एएन साही अनभिज्ञ हैं. इनका कहना है कि मरीज का इंट्री जरूर हुआ होगा. अगर, नहीं हुआ तो यह ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक की गड़बड़ी है, जिसकी जांच करायी जायेगी. वहीं इन्होंने यह भी कहा कि मरीज शायद अस्पताल में रुकने के बजाय अपने घर चला गया है.
लौटाये जा रहे मरीज
मंगलवार को सदर अस्पताल के ओपीडी स्थित पैथोलॉजी जांच घर से कई मरीजों को डेंगू जांच की किट नहीं रहने की बात कहते हुए लौटा दिया गया. जानकारी के मुताबिक, इन मरीजों में एक मुसापुर के 35 वर्षीय रामबली महतो को कई दिनों से बुखार रहने की शिकायत पर सदर अस्पताल लाया गया था. ओपीडी में चिकित्सक ने डेंगू के आशंका जतायी और मरीज को एन वन एस वन एवं प्लेटलेटस काउंट के लिए पैथोलॉजी लैब भेजा लेकिन लैब में जांच की
व्यवस्था नहीं रहने के कारण उसे भी लौटा दिया गया.
डेंगू के मरीज के लिए चार बेड वाला एक डेंगू वार्ड बनाया गया है. मरीज के पहुंचने पर सदर अस्पताल में इलाज की पूरी व्यवस्था हो जायेगी. फिलहाल डेंगू किट नहीं है उसे भी जल्द ही मंगाया जा रहा है.
डॉ एएन साही, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल
