सदर अस्पताल. जांच में देरी होने पर भड़के िदव्यांग
सदर अस्पताल में विकलांगता प्रमाणपत्र बनवाने को पहुंचे थे मरीज
दिनभर लाइन में खड़े रहने के बाद भी जांच नहीं होने पर आक्रोशित हुए दिव्यांग
समस्तीपुर : दृष्टि दोष से संबंधित विकलांगता प्रमाणपत्र बनवाने को पहुंचे मरीजों ने सोमवार को दोपहर बाद सदर अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया. इस दौरान आक्रोशित मरीजों ने अस्पताल के मुख्य गेट के सामने कुछ देर के लिए समस्तीपुर-मुसरीघरारी पथ को भी जाम कर दिया. इससे उक्त पथ पर आवागमन भी ठप हो गया. लेकिन मामले को बिगड़ने से पहले ही कुछ स्वास्थ्यकर्मियों ने दिव्यांगों को समझा कर शांत किया और विकलांगता प्रमाणपत्र के लिए उनके आवेदन को जमा कराया. कुछ देर के उपरांत मौके पर मौजूद चिकित्सक बीपी राय ने दिव्यांगों की आंख की जांच शुरू की.
विकलांगता प्रमाणपत्र के लिए लाइन में खड़े दिव्यांग चांदचौर के हेमो भंडारी, बेलसंडी तारा के सुर्यदेव राय, खतुआहा के रामसेवक पासवान, वारिसनगर के दिनेश महतो, हसनपुर की शारदा देवी, दलसिंहसराय के शंकर दास आदि का कहना था कि वे दूर-दराज से प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आये हैं. सुबह से ही लाइन में खड़े हैं. लेकिन न तो हमसे फार्म जमा लिया गया है और न ही चिकित्सक द्वारा जांच ही की गयी है. दिव्यांगों में कई बूढ़े एवं शारीरिक रूप से अस्वस्थ्य व्यक्ति, महिलाएं एवं बच्चे भी थे, जो कई घंटों तक लाइन में लगे रहे. करीब ढाई बजे तक जब काफी मिन्नतों के बाद भी इनका काम नहीं हुआ, तब इनके सब्र का बांध टूट गया. लोग आक्रोशित हो गये और इमरजेंसी वार्ड स्थित चिकित्सक कक्ष के दरवाजे को पीटने लगे. भीड़ को आक्रोशित देख स्वास्थ्यकर्मी इमरजेंसी वार्ड से बाहर हो गये. चिकित्सक भी चुपके से निकल जाने में ही अपनी भलाई समझी. बाद में वरीय अधिकारियों के आदेश पर विकलांगता प्रमाण पत्र कार्य में लगे कर्मी महेंद्र दास ने दिव्यांगों से आवेदन लिया और मरीजों की जांच शुरू की गयी.
