मच्छरों का प्रकोप बढ़ा सदर अस्पताल. जलजमाव से स्थिति नारकीय

मरीजों को हो रही परेशानी बल्ड बैंक व स्वास्थ्य समिति भवन के आसपास एक पखवाड़ा से जमा है दुर्गंध युक्त पानी समस्तीपुर : सदर अस्पताल में जगह-जगह जलजमाव होने से परिसर की स्थिति नारकीय बन गयी है. पिछले एक पखवाड़ा से अस्पताल परिसर में विभिन्न जगहों पर पानी जमा है. खासकर स्वास्थ्य समिति कार्यालय, ब्लड […]

मरीजों को हो रही परेशानी

बल्ड बैंक व स्वास्थ्य समिति भवन के आसपास एक पखवाड़ा से जमा है दुर्गंध
युक्त पानी
समस्तीपुर : सदर अस्पताल में जगह-जगह जलजमाव होने से परिसर की स्थिति नारकीय बन गयी है. पिछले एक पखवाड़ा से अस्पताल परिसर में विभिन्न जगहों पर पानी जमा है. खासकर स्वास्थ्य समिति कार्यालय, ब्लड बैंक एवं सुधा डेयरी के स्टॉल के सामने स्थित समरसेबल बोरिंग के समीप वर्षा का पानी एवं गंदगी से बजबजा रहे नाले का दुर्गंधयुक्त पानी के उबटने से अस्पताल परिसर में लोगों का जीना मुहाल हो गया है. स्वास्थ्य समिति एवं ब्लड बैंक के कर्मियों को कार्यालय आने-जाने में भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
अस्पताल परिसर में गंदगी एवं जलजमाव के कारण मच्छरों का भी प्रकोप काफी बढ़ गया है. इससे मरीज के साथ-साथ अस्पताल कर्मियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. रात क्या दिन में भी लोग अस्पताल परिसर में मच्छरों से त्रस्त रहते हैं. लेकिन अस्पताल प्रशासन द्वारा इस समस्याओं के समाधान को लेकर कोई पहल नहीं की गयी है और न ही समय-समय पर अस्पताल परिसर में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव ही किया जा रहा है.
अस्पताल परिसर में बने नालों की उड़ाही नहीं होने के कारण इमरजेंसी, आउटडोर, नशामुक्ति केंद्र, महिला वार्ड, कालाजार वार्ड, दवा वितरण केंद्र के समीप महीनों से नाले का पानी उपट रहा है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. उधर, सोमवार की सुबह विकलांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उजियारपुर से पहुंचा
एक मरीज कीचड़ में फिसलकर गिर जाने से गंभीर रूप से चोटिल हो गया. चोट की वजह से वह पोस्टमार्टम हाउस के सामने काफी देर तक बेसुध होकर
पड़ा रहा.
सदर अस्पताल के ब्लड बैंक के निकट जमा पानी व कचरा.
बंदर ने अस्पताल में मचाया उत्पात
सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मंगलवार की दोपहर एक बंदर ने जमकर उत्पात मचाया. इससे अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गयी. पहले तो वह इमरजेंसी वार्ड में कुछ देर तक चुपचाप बैठा रहा, लेकिन जैसे ही लोगों ने मोबाइल में उसकी तसवीर लेनी शुरू की, वह आक्रोशित हो गया. इसके बाद बंदर की डर से चिकित्सक से लेकर कर्मचारी तक अपने-अपने कमरे में बंद हो गये. बाद में डॉ बीपी राय ने उक्त बंदर को इमरजेंसी से बाहर भगाया.
अस्पताल से निकलने के बाद बंदर ने सड़क पर भी खूब उत्पात मचाया. इस दौरान कई टेंपो को रोक कर उसके ड्राइविंग सीट पर बैठ गया. चालक और पैसेंजर को गाड़ियों से उतार कर काफी देर तक वह टेंपो के स्टेयरिंग पर बैठा रहा. चालक से रुपये भी छीन लिये, लेकिन फिर उसके रुपये को टेंपो में ही छोड़ दिया. करीब एक घंटे तक वह सड़क पर इधर से उधर दौड़ता रहा बाद में एसपी आवास की ओर चला गया.

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