पटना, सारण में कुछ राहत समस्तीपुर में हालात गंभीर

बाढ़. पटना में गंगा का पानी घटा, समस्तीपुर में छह की मौत पटना/समस्तीपुर : पटना, सीवान, सारण व वैशाली में गंगा, घाघरा व गंडक का पानी घटने से गुरुवार को कुछ राहत मिली, लेकिन समस्तीपुर व भागलपुर इलाके में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है. हालांकि, समस्तीपुर में गंगा व वाया नदी […]

बाढ़. पटना में गंगा का पानी घटा, समस्तीपुर में छह की मौत

पटना/समस्तीपुर : पटना, सीवान, सारण व वैशाली में गंगा, घाघरा व गंडक का पानी घटने से गुरुवार को कुछ राहत मिली, लेकिन समस्तीपुर व भागलपुर इलाके में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है. हालांकि, समस्तीपुर में गंगा व वाया नदी का जल स्तर स्थिर है. भागलपुर में गंगा के जल स्तर में पांच सेमी की बढ़ोतरी हुई. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पटना में गंगा अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. लेकिन,
गुरुवार को पटना व इसके आसपास के इलाके में गंगा, सोन का जल स्तर कम होने लगा है.
समस्तीपुर में बाढ़ की गंभीर स्थिति देख प्रशासन ने भी राहत व बचाव कार्य तेज कर दिया है. वहीं, जिले में गुरुवार को बाढ़ में डूबने से छह लोगों की मौत हो गयी. पटोरी में दो, दलसिंहसराय में दो, विद्यापतिनगर व मोहिउद्दीननगर में एक-एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गयी. बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल दलसिंहसराय के मोहनपुर के सरारी स्थित कैंप के कनीय अभियंता जितेंद्र कुमार
पटना, सारण में…
ने बताया कि गंगा का जलस्तर गुरुवार को 4820 सेमी तक आ गया. यह अब भी खतरे के निशान से 270 सेमी ऊपर बह रही है. पानी मोहिउद्ीननगर, मोहनपुर, पटोरी व विद्यापतिनगर प्रखंड के कई क्षेत्रों में फैला है.
डीएम ने िलया राहत शिविरों का जायजा. इधर डीएम प्रणव कुमार व एसपी नवल किशोर सिंह ने मोहिउद्दीननगर में राहत शिविरों का जायजा लिया. जेटीए महाविद्यालय, बलुआही, उमावि कुरसाहा, महमद्दीपुर, विशनपुर बेड़ी आदि जगहों पर पीड़ितों की समस्याएं सुनी. इस दौरान डीएम ने पीड़ितों को गुणवत्तापूर्ण भोजन, पशुपालकों के लिए चारा व अतिरिक्त नाव की व्यवस्था करने का आदेश दिया. पटोरी एसडीओ राजेश कुमार ने बताया कि गुरुवार को पीड़ितों के बीच चार हजार खाने के पैकेट का वितरण किया गया.
शिविर में बेटी के जन्म पर ~15000, तो बेटे के जन्म पर मिलेंगे ~10000
पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को बाढ़ राहत शिविरों का दौरा किया. उन्होंने मनेर से दानापुर होते हुए बख्तियारपुर तक के राहत शिविरों का जायजा लिया और वहां बाढ़पीड़ितों के लिए की गयी व्यवस्था का निरीक्षण किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में बेटी के जन्म पर 15 हजार रुपये और बेटे के जन्म पर 10 हजार रुपये देने का सभी जिलों को निर्देश दिया. उन्होंने अधिकारियों को इस बाबत निर्देश दिया और कहा कि यह खर्च मुख्यमंत्री राहत कोष से किया जायेगा.
इसके पहले मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना के साथ ही मनेर से बख्तियारपुर तक के राहत शिविरों में तैनात अधिकारी सजग रहे. मुख्यमंत्री रिलिफ फंड से पीड़ितों के लिए धोती, साड़ी, सेनेटरी नेपकीन, बच्चों के कपड़े आदि की खरीद कर वितरण किया गया. बाढ़पीड़ितों के बीच साबून, आइना, कंघी, सुगंधित तेल भी बांटा गया.
खतरे के िनशान से नीचे आयीं घाघरा और गंडक
विद्यापतिनगर में बाढ़ के पानी में डूबे व्यक्ति की तलाश करते गोताखोर. देखें पेज छह व सात भी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >