भगवान श्रीकृष्ण विश्व के लिए प्रेरणादायक
समस्तीपुर : हजारों वर्ष पूर्व भारत भूमि पर जन्म लेनेवाले भगवान श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र का प्रत्येेक पहलू सदैव विश्व के मानव समुदाय को सत्प्रेरित करता रहेगा. उनका जीवन दर्शन आज भी प्रत्येक मानव जीवन के लिए कल्याणकारी है. श्रद्धा, निष्ठा और आदर के साथ पूजा-अर्चना करना हमेशा मानव को सत्य, न्याय और कर्म के […]
समस्तीपुर : हजारों वर्ष पूर्व भारत भूमि पर जन्म लेनेवाले भगवान श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र का प्रत्येेक पहलू सदैव विश्व के मानव समुदाय को सत्प्रेरित करता रहेगा. उनका जीवन दर्शन आज भी प्रत्येक मानव जीवन के लिए कल्याणकारी है. श्रद्धा, निष्ठा और आदर के साथ पूजा-अर्चना करना हमेशा मानव को सत्य, न्याय और कर्म के लिए प्रेरित करता है. ये बातें भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहीं. अध्यक्षता प्रो गणेश प्रसाद यादव ने की. इस अवसर पर डाॅ गोपी रमण झा, प्रो चंद्रवीर,
डाॅ सुमन कुमार राय, प्रो केके चौधरी, प्रो एसडी प्रसाद सिंह, प्रो वाइके झा, प्रो महेश प्रसाद, प्रो एसपी यादव, प्रो राज कुमार राय, डाॅ राजकुमार, डाॅ नंद कुमार सुधाकर, डाॅ नरेश प्रसाद यादव, डाॅ प्रभात कुमार वर्मा, प्रो वीसी मिश्रा, प्रो कृष्ण कुमार, डाॅ क्रांति, प्रो मोतीलाल राय, प्रो विश्वनाथ, प्रो विजयकांत, प्रो राजदेव आदि ने भगवान के संबंध में अपने-अपने विचार व्यक्त किये.
बिथान >> जन्माष्टमी पर सांस्कृतिक कार्यक्रम
प्रखंड क्षेत्र के पुसहो, बिथान, मरथुआ, उजान समेत विभिन्न स्थानों पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है. भगवान श्रीकृष्ण की उपासना का पर्व जन्माष्टमी को लेकर पूरे प्रखंड क्षेत्र के लोग भक्तिभाव में डूब गया है. इस दौरान बिथान बाजार स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. मंदिर परिसर एवं आसपास के स्थानों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है. इस दौरान भक्ति प्रवचन समेत कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जा रहा है. कार्यक्रम को सफल बनाने में विश्वनाथ जयपुरिया, उमाशंकर जयपुरिया, सुशील कुमार, नवीन कुमार, अवतार कुमार आदि जी जान से जुटे हैं.
मोहनपुर >> बरूआ में टूटी परंपरा, नहीं लगा मेला
सैकड़ों सालों से बरूआ गांव में लगता आ रहा जन्माष्टमी का मेला पहली बार नहीं लगा़ बाढ़ और कटाव का दंश झेलते रहे बरूआ गांव के लोग विस्थापित होकर जहां-जहां गये श्री कृष्ण की मूर्ति बनाकर पूजा-अर्चना करते एवं मेला लगाते रहे़ काली एवं श्री कृष्ण पूजा की लंबी परंपरा ध्वस्त हो गयी़ डीह रसलपुर के पास पीछले कुछ सालों से काली पूजा होती रही़ करीब एक हफ्ते पूर्व यह पूजा समाप्त हुई, तो जन्माष्टमी के मेले की तैयारियां शुरू हुईं.
श्री कृष्ण की मूर्ति बनायी जा रही थी तभी बांध टूट जाने से बाढ़ आ गयी़ ज्ञात हो कि पूरे बिहार में बसूरियां बाबा नामक किसी कृष्ण भक्त पूर्वज की यहां पूजा करने की परंपरा थी़ बताया जाता है कि बसुरिया बाबा एक ही समय में तत्कालीन दरभंगा जिले के बरूआ एवं पटना जिले के बख्तियारपुर में दिखते थे़ इस बार सैकड़ों सालों के इतिहास में पहली बार बसुरियां बाबा और श्री कृष्ण की पूजा अर्चना नहीं हो पा रही़