सदर अस्पताल. एनलाइजर-सीबीसी मशीन खराब
समस्तीपुर : सदर अस्पताल में पैथोलॉजी जांच बंद है. इस कारण मरीज बिना जांच यहां से बैरंग वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं. जानकारी के अनुसार, सदर अस्पताल के पैथोलॉजी जांच तक बिजली की व्यवस्था अस्पताल प्रशासन की ओर से की गयी है. अचानक, मंगलवार की दोपहर बिजली वारिंग में गड़बड़ी आ गयी. इससे जांच के लिए लगाया गया यूपीएस खराब हो गया. जांच केंद्र के माइक्रोस्कोप में भी खराबी आ गयी है.
इसके बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों की सुविधा के लिए मुफ्त उपलब्ध करायी जाने वाली अधिकतर जांच सेवाएं ठप पड़ गयी हैं. पैथोलॉजी में तैनात कर्मचारी ने इसकी जानकारी अस्पताल उपाधीक्षक को दी. लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी तकनीकी खराबी को दूर करने के लिए न तो इंजीनियर पहुंचे हैं और न ही बिजली वायरिंग को दुरुस्त करने वाला मिस्त्री.
नतीजतन, कर्मचारी मशीन में गड़बड़ी की बात कह जांच करने से अपने हाथ खड़े कर रहे हैं. सूत्र बताते हैं कि जांच केंद्र को उपलब्ध कराया गया माइक्रोस्कोप यक्ष्मा विभाग का है. वह भी पुराना. इसमें आयी खराबी को दूर करने के लिए पहुंचे इंजीनियर ने इसे नाकाम बता कर बदल देने की सलाह भी दे रखी है. माइक्रोस्कोप में आ रही गड़बड़ियों को लेकर प्रयोगशाला से 22 मई 2014 को ही अस्पताल प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक इसे बदला नहीं गया.
इसके बाद 17 मई 16 को आॅनलाइन यूपीएस की मांग की गयी, लेकिन उपलब्ध नहीं हुआ. 18 जुलाई 2016 को प्रयोगशाला से अस्पताल प्रशासन को पत्र भेज कर ऐसी मशीनों से जांच संभव नहीं होने की पूर्व सूचना देते हुए वैकल्पिक व्यवस्था का आग्रह किया गया. बावजूद इसके अस्पताल प्रशासन ने धरातल पर कोई कदम नहीं उठाया.
इसी बीच दो अगस्त 16 को अचानक बिजली में खराबी के कारण यूपीएस ने भी काम करना बंद कर दिया. इसके बाद यहां पैथोलॉजी जांच पूरी तरह से ठप हो गयी है. कर्मी बाहर जांच बंद होने की सूचना चिपका कर मशीनों में गड़बड़ी को दूर कराने के लिए अस्पताल प्रशासन पर अपनी नजरें टिका रखी है.
बिना जांच बैरंग वापस लौट रहे मरीज
पैथोलॉजी में कुछ जांच हो रहे हैं. बाकी जांच के लिए तकनीकी परेशानियों का पता लगाया जा रहा है. उसे दुरुस्त कर जल्द ही सेवा बहाल कर दी जायेगी.
डाॅ एएन शाही, डीएस, सदर
अस्पताल, समस्तीपुर
निजी जांच घर जाने की मजबूरी
सदर अस्पताल का पैथोलॉजी जांच केंद्र ठप होने से मरीज निजी जांच घर जाने को मजबूर हैं. इससे न सिर्फ उन्हें शारीरिक परेशानी हो रही, उन्हें जांच के लिए भारी कीमत भी चुकानी पड़ रही है. जांच केंद्र पर पहुंचे हसनपुर के कुशेश्वर दास को एसजीपीटी जांच करानी थी,
लेकिन वह मजबूर होकर बाहर निकल गये. मालती बिदुलिया की नीलिमा देवी, जगदीशपुर के रजनीश ठाकुर आदि का कहना था कि अस्पताल की व्यवस्था दिन व दिन बिगड़ रही है. पहले दवा, अब जांच भी बाहर से करानी होगी. सरकार सुधार और विकास की बात करती है, लेकिन अस्पताल में आने पर उसके दावे की हर रोज पोल खुल रही है.
तीन मैनुअल जांच
पैथोलॉजी की मशीन में आयी खराबी के कारण सभी जांच बंद है. केवल तीन तरह के मैनुअल जांच फिलहाल हो रहे हैं. इसमें कालाजार, इएसआर व होमोग्लोबीन की जांच प्रयोगशाला कर्मी कर रहे हैं. उनका कहना है कि इन जांचों के लिए उन्हें मशीन की आवश्यकता नहीं हैं. इसके कारण जिन मरीजों को चिकित्सकों द्वारा इन तीन तरह की जांच का परामर्श दिया जा रहा है, उसे जारी रखा गया है. ताकि अस्पताल की उपलब्ध व्यवस्था को लाभ यहां आने वाले सभी मरीजों को तत्काल मुहैया कराया जा सके.
