समस्तीपुर : शहर कोई सा भी हो, एक प्रब्लम कॉमन सी है़, पार्किंग की़ शायद ही कोई होगा जो हर रोज अपने शहर में इस समस्या से दो चार न होता हो़ यह दिक्कत उन लोगों के साथ ज्यादा है जो फील्ड वर्क करते हैं. मसलन मार्केट से जुड़े लोग़ दिन भर गाड़ी लेकर एक जगह से दूसरे जगह जाना और वहां अपने कामकाज के सिलसिले में लोगों से मिलना उनका रुटीन होता है़ जाहिर है ऐसे में उन्हें कहीं न कहीं तो अपनी गाड़ी पार्क करनी ही होती है़
सडक के किनारे जगह देख कर कहीं गाड़ी लगा दी जाती है़ दरअसल इस समस्या की जड़ में है हमारा लोकल एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम़ उसने पूरे शहर में सड़क पर फ्री पार्किंग के लिए जो जगह छोड़ रखी है़ पब्लिक की सुविधाओं का ख्याल रखना भी सिस्टम का फर्ज बनता है़ यह सब कह कर हम उन लोगों की कतई वकालत नहीं कर रहे हैं
जो राह चलते कहीं भी गाड़ी लगा कर चल देते हैं.उन्हें दूसरे की फिक्र नहीं होती़ इससे जाम लगना शहर की रोज की समस्या बन गयी है़ लोकल बॉडीज में बैठे प्रतिनिधि हैं कि सब जान कर भी चुप बैठे हैं. शायद समय आ गया है जब हम उन्हीं यह पूछें कि, सर, हम अपनी गाड़ी कहां लगाएं ?
