विद्यापतिनगर : थाना क्षेत्र के मऊ बाजार में स्थित बैंक ऑफ इंडिया का ग्रील काटकर एक बड़ी घटना को अंजाम देने में चोर नाकामयाब रहे़ गैस कटर के सहारे पहले बैंक प्रबंधक के केबिन में प्रवेश किये फिर स्ट्रांगरुम का ताला काट अंदर रखे सेफ को काटने का प्रयास किया़ जिसमें चारों को सफलता नहीं मिली़ र विवार को बैंक बंद होने के कारण सोमवार को बैंक कर्मी के पहुंचने पर घटना की जानकारी मिली़ जानकारी के मुताबिक पूर्व की तरह गत शनिवार को शाखा प्रबंधक की मौजूद्गी में बैंक को बंद कर सभी कर्मी अपने आवास चले गये थे़
बैंक ऑफ इंडिया में चोरी का प्रयास विफल
विद्यापतिनगर : थाना क्षेत्र के मऊ बाजार में स्थित बैंक ऑफ इंडिया का ग्रील काटकर एक बड़ी घटना को अंजाम देने में चोर नाकामयाब रहे़ गैस कटर के सहारे पहले बैंक प्रबंधक के केबिन में प्रवेश किये फिर स्ट्रांगरुम का ताला काट अंदर रखे सेफ को काटने का प्रयास किया़ जिसमें चारों को सफलता नहीं […]

सोमवार को बैंक आये प्रबंधक व अन्य कर्मियों को बैंक के पीछे के भाग को देखकर चोरी की आशंका हुई़ खोजबीन के क्रम में बैंक के पिछले दरवाजे के उपर का ग्रील टूटा पाया गया़ बैंक में लगे चार सीसी कैमरे क्षतिग्रस्त पाये गये़ अलार्म के तार काट दिये गये थे़ जिससे चोरी की घटना के होने की संभावना को बल मिला़ इसकी सूचना एसएचओ इकबाल अहमद खां को दी गयी़ बैंक में जाने पर जानकारी दी गयी कि चोर पीछे के दरवाजे के उपर का ग्रील तोड़कर अंदर घुसे थे़ प्रबंधक के केबिन व वहीं रखे गोदरेज आलमारी को तोड़ा गया था़ वहीं स्ट्रांगरुम का ताला टूटा पाया गया़ चोरों ने सेफ को गैस कटर से काटने का प्रयास किया जिससे सेफ भी क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी गयी है़ रुपये से भरा सेफ एक माडर्न धातु का बना है़ जिसे गैस कटर से काटे जाने पर वह आपस में और चिपक सा जाता है़ हुआ भी ऐसा ही़ सेफ को खोले जाने पर वह क्षतिग्रस्त होने के कारण समाचार लिखे जाने तक नहीं खुल पाने की जानकारी दी गयी है़ अंछर रखे रुपये के सुरक्षित होने का फिलवक्त अनुमान लगाया गया है़ प्रबंधक मनोज कुमार बैंक में क्षतिग्रस्त किये गये सामान व फाइल का अवलोकन करने में लगे हैं. घंटो इंजतार के बाद बैंक प्रबंधक मनोज कुमार ने चोरी की घटना की जानकारी नहीं दी़ एसएचओ इकबाल अहमद खां ने बताया कि घटना में बैंक के किसी कर्मी की संलिप्तता के बिंदुओं पर पर छानबीन की जायेगी़ समाचार प्रेषण तक इससे संबधित प्राथमिकी नहीं दर्ज करायी गयी थी़ इस कारण बैंक को पहुंचाये गये नुकसान एवं चोरी से जुड़ी जानकारी नहीं मिल पायी है़