प्रसूताओं को नहीं मिल रही प्रोत्साहन राशि

दलसिंहसराय : कुपोषण से बचाव व संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से महत्वाकांक्षी जननी बाल सुरक्षा योजना लक्ष्य में पिछड़ती दिख रही है़ योजना का सकारात्मक परिणाम रहा है कि इसके तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को लेकर सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिला है़ मगर […]

दलसिंहसराय : कुपोषण से बचाव व संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से महत्वाकांक्षी जननी बाल सुरक्षा योजना लक्ष्य में पिछड़ती दिख रही है़ योजना का सकारात्मक परिणाम रहा है कि इसके तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को लेकर सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिला है़
मगर प्रसूता महिलाओं व नवजातों की देखभाल व कुपोषण से बचाव के लिए मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का समय पर भुगतान न होने से नवजात कुपोषित हो रहे हैं वहीं प्रसूताओं की सही देखभाल न होने से वे एनीमिया की शिकार हो रही हैं
इसको लेकर प्रसूता रेखा देवी, सविता देवी, पुष्पा देवी, पार्वती देवी समेत कई महिलाओं ने बताया कि जननी बाल सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का वितरण फरवरी 15 से बंद है़ पूछने पर संबंधित अस्पताल के उपाधीक्षक व अन्य लोगों का कहना है कि उक्त योजना में राशि फिलहाल उपलब्ध नहीं है़
राशि प्राप्त होने पर भुगतान होगा. उन्होंने कहा कि राशि का समय पर भुगतान होता तो, नवजातों को व प्रसूताओं को पौष्टिक तत्व की पूर्ति अच्छे से हो पाती, जो योजना का उद्देश्य भी है़ सूत्रों के अनुसार, जननी बाल सुरक्षा योजना के तहत फरवरी 15 से अब तक अस्पताल में 2302 संस्थागत प्रसव हुए हैं़ इनमें फरवरी माह में 499, मार्च में 404, अप्रैल माह में 363, मई माह में 374, जून माह में 428 व चालू माह में 11 जुलाई 15 तक 234 प्रसव हुए हैं. जिनके प्रोत्साहन राशि का भुगतान राशि के अभाव में नहीं हो पाया है़ विभाग का कहना है कि अस्पताल में संस्थागत प्रसव के लिए योजना के तहत 1400 रुपये प्रसूताओं को नवजातों व स्वयं की देखभाल के लिए देय है,
जबकि उन्हें अस्पताल लेकर आने व उनका सुरक्षित प्रसव अस्पताल में कराने वाली आशा कार्यकर्ताओं को अलग से 600 रुपये दी जाती है़ मगर इसके साथ ही आशा कार्यकर्ताओं का यह भी दायित्व है कि वे अपने- अपने पोषक क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच व प्रसव के उपरांत भी उनकी स्वास्थ्य जांच करवाये ताकि, प्रसूता कुपोषण व एनीमिया की शिकार न हो सक़े वहीं गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा शुरु होती हैं तब आशा कार्यकर्ता उन्हें अस्पताल में भर्ती करा देती हैं जिससे उनका प्रसव पूर्व जांच न होने से भी संबंधित महिलाएं व उनके नवजात कुपोषण के शिकार हो जाते हैं
छात्रों में बांटी गयी पोशाक योजना की राशि
रोसड़ा. शशिकृष्णा महाविद्यालय थतिया में गुरुवार को मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना के तहत पोशाक राशि का वितरण किया गया. उद्घाटन प्रखंड प्रमुख मंजु सिंह ने किया. इसमें कुल 184 छात्राओं के बीच 1000 रुपये प्रति छात्र की दर से अठारह लाख चार हजार राशि का वितरण हुआ.
प्रमुख ने छात्राओं से सच्ची लगन व मेहनत से पढ़ाई कर समाज एवं देश का नाम रौशन करने की नसीहत दी़ समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र नारायण सिंह ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि आज हर क्षेत्र में महिला पुरुषों से आगे चल रही है़
इसके लिए मेहनत एवं लगन से पढ़ाई करना जरूरी है़ मौके पर प्राचार्य जितेन्द्र कुमार महतो, अमरेश सिंह, राजकुमार सिंह, कमलेश सिंह, अशरफ अंसारी मौजूद थे. ताजपुर : बाघी पंचायत के चकहबीब स्थित रामनंदन सिंह जगदीप नारायण इंटर कालेज में छात्राओं के बीच मुख्यमंत्री पोशाक योजना मद की राशि बांटी गयी. कालेज के प्राचार्य प्रो़ अभितेन्द्र कुमार ने बताया कि कुल 123 छात्राओं के बीच वित्तीय वर्ष 2013-15 एवं 2014-16 की राशि बांटी गयी.
मौके पर जवाहर प्रसाद सिंह, राजेन्द्र प्रसाद सिंह, नंद किशोर सिंह, डा़ विनोद कुमार, नमिता कुमारी, सुनील
राय, मनीष कुमार ठाकुर, बैद्यनाथ सिंह आदि थे.

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