फोटो संख्या : 13खाद्य मिलावट व उसके प्रभाव विषय पर कार्यशाला आहूतप्रतिनिधि, समस्तीपुर हर चमकीली चीज खाने योग्य नहीं होती है. आम लोग जहां चमकती चीज देखकर उसे तुरंत खरीद लेते हंै. इन पर एडीबल ऑयल की मिलावट की रहती है. उक्त बातें राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय की होम साइंस की डीन मीरा सिंह ने खाद्य मिलावट व उसके प्रभाव विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही. एक निजी होटल में इसका आयोजन खुशी कल्याण समिति की ओर से किया गया था. खाद्य मिलावट पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने कहा कि किसान ज्यादा पैदावार के लिये बड़ी मात्रा में कीटनाशक का उपयोग करते हैं. इससे फसल की गुणवत्ता जाते रहती है. खाद्यान्न मिलावट से बचने के लिये ऐसे दुकान से समान खरीदे जो कि रसीद देती हो. साथ ही हर खरीदारी की रसीद अवश्य लें. आज के समय में दवाइयों में भी मिलावट का समय चल रहा है. वहीं उन्होंने पड़ोसी देश चीन के कानून का हवाला देते हुए कहा कि जरूरी है कि सरकार और कड़े कानून बनायंे. ससमय मिलावट करने वालों को सजा मिले. इससे समाज में ऐसे मिलावटखोरोें को कड़ा संदेश मिले. अध्यक्षता कर्नल राजीव रंजन ने की. संचालन कृष्ण कुमार ने किया. मौके पर वक्ताओं में एलएनएमयू ,दरभंगा की पीजी विभागाध्यक्षा डॉ ईशा सिंह, डॉ विभाष रंजन, गिरजा सिंह, संजीव पांडे, नरेंद्र यादव, पंकज ठाकुर, रवि शंकर झा, सुनील झा आदि शामिल थे.
चमकीली चीजें हमेशा खाने योग्य नहीं : मीरा सिंह
फोटो संख्या : 13खाद्य मिलावट व उसके प्रभाव विषय पर कार्यशाला आहूतप्रतिनिधि, समस्तीपुर हर चमकीली चीज खाने योग्य नहीं होती है. आम लोग जहां चमकती चीज देखकर उसे तुरंत खरीद लेते हंै. इन पर एडीबल ऑयल की मिलावट की रहती है. उक्त बातें राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय की होम साइंस की डीन मीरा सिंह ने खाद्य […]
