कालजली कथाकृति है 'भखरैत नील रंग'

मोरवा. कालजली कथाकृति है ‘भखरैत नील रंग’. उक्त बातें स्वामी विवेकानंद परिसर में गुरुवार को ‘अभिव्यक्ति’ की मासिक बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कही. अध्यक्षता करते हुए संस्थापक सह वरिष्ठ पत्रकार चांद मुसाफिर ने ‘भखरैत नील रंग’ रचना को अकादमी पुरस्कार के योग्य बताते हुए पुरस्कृत करने की मांग की. वहीं प्रो़ अवधेश […]

मोरवा. कालजली कथाकृति है ‘भखरैत नील रंग’. उक्त बातें स्वामी विवेकानंद परिसर में गुरुवार को ‘अभिव्यक्ति’ की मासिक बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कही. अध्यक्षता करते हुए संस्थापक सह वरिष्ठ पत्रकार चांद मुसाफिर ने ‘भखरैत नील रंग’ रचना को अकादमी पुरस्कार के योग्य बताते हुए पुरस्कृत करने की मांग की. वहीं प्रो़ अवधेश कुमार झा ने अभिव्यक्ति संस्था द्वारा मधुबनी के कवि ब्रजमोहन मिश्र को नागार्जुन पुरस्कार एवं जिला आपूर्ति पदाधिकारी डॉ रंगनाथन दिवाकर को उत्कृष्ट साहित्य एवं प्रशासक जगदीश चन्द्र माथुर शिखर सम्मान दिये जाने पर हर्ष प्रकट किया है. प्रो़ झा ने डॉ दिवाकर की मैथली कथाकृति ‘भखरैत नील रंग’ के लिए हरिमोहन झा शिखर सम्मान दिये जाने को साहित्यकार संसद के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया. मौके पर संस्था के सदस्य कुमोद प्रसाद गिरि, रवींद्र कुमार ठाकुर, डॉ एस़एऩ झा आदि ने बैठक को संबोधित किया.

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