विधान परिषद चुनाव में पार्टी प्रत्याशी का विरोध करने पर हुई कार्रवाईछह वर्षों के लिए पार्टी से निकालासमस्तीपुर. विधान परिषद चुनाव में भाजपा प्रत्याशी हरिनारायण चौधरी के विरोध में बागी तेवड़ अपनाना पार्टी के दो नेताओं को महंगा पड़ा है. बिहार प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष सह विधान पार्षद लाल बाबू प्रसाद ने सुनीता सिंह व राजीव रंजन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए छह वर्षों के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है. जिला भाजपा के प्रवक्ता शशिकांत झा चुनचुन ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष की ओर से इस बावत जारी किये गये पत्र में स्पष्ट किया गया है कि समस्तीपुर स्थानीय निकाय से विधान परिषद चुनाव में राजीव रंजन व सुनीता सिंह पार्टी की ओर से अधिकृत प्रत्याशी हरिनारायण चौधरी के विरोध में चुनाव लड़ रहे हैं. पार्टी ने इसे गंभीरता से लिया है. पार्टी ने इस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए अधिकृत पार्टी प्रत्याशी के विरुद्ध चुनाव लड़ने के कारण प्रदेश अध्यक्ष ने इन्हें छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है. ज्ञात हो कि सुनीता सिंह व राजीव रंजन पार्टी में रहते हुए एनडीए की ओर से घोषित भाजपा के प्रत्याशी का विरोध करते हुए विधान परिषद चुनव में कूद गये. पार्टी की ओर से इन्हें मनाने का भी प्रयास किया गया परंतु ये चुनाव में डटे रहे. जिसके बाद पार्टी ने यह फैसला लिया है.
सुनीता सिंह व राजीव रंजन भाजपा से निष्कासित
विधान परिषद चुनाव में पार्टी प्रत्याशी का विरोध करने पर हुई कार्रवाईछह वर्षों के लिए पार्टी से निकालासमस्तीपुर. विधान परिषद चुनाव में भाजपा प्रत्याशी हरिनारायण चौधरी के विरोध में बागी तेवड़ अपनाना पार्टी के दो नेताओं को महंगा पड़ा है. बिहार प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष सह विधान पार्षद लाल बाबू प्रसाद ने सुनीता सिंह व […]
