फोटो::::::::::8समस्तीपुर. उम्र ज्ञान व संस्कृति के बीच दीवार नहीं बन सकती है. शेखोपुर निवासी बालक मो. फैयाज इसकी मिसाल है. आठ वर्ष के नन्हें से उम्र में यह बालक रोजा रख अल्लाह से अमन चैन की दुआ मांग रहा है. अपने हम उम्र के लोगों के बीच खेलने क ी उम्र होती है. बच्चे उपवास का मायने भी नहीं समझती है. इस समय फैयाज क ा यह कार्य आम लोगों के लिये राह दिखा रहा है. इस बाबत फैयाज के पिता रजि अहमद ने बताया कि रमजान एक बरकत वाला महीना है. इस महीने में अल्लाह ताला ने हर आकिल व बालिग मुसलमानों पर रोजा फर्ज किया है. रमजान को हर महीनों से अफजल महिना माना गया है.
आठ वर्ष का बालक रोजा रख मांग रहा अमन चैन की दुआ
फोटो::::::::::8समस्तीपुर. उम्र ज्ञान व संस्कृति के बीच दीवार नहीं बन सकती है. शेखोपुर निवासी बालक मो. फैयाज इसकी मिसाल है. आठ वर्ष के नन्हें से उम्र में यह बालक रोजा रख अल्लाह से अमन चैन की दुआ मांग रहा है. अपने हम उम्र के लोगों के बीच खेलने क ी उम्र होती है. बच्चे उपवास […]
