फोटो संख्या : 15जल यात्रा के साथ नौ दिवसीय सप्तचंडी पाठ शुरूसमस्तीपुर. ‘मां’ शब्द सभी मंत्रों में श्रेष्ठ है. देवी की आराधना सभी कष्टों को तत्काल हर लेती है. सृष्टि की रचना से पालन माता के इच्छा पर ही निर्भर है. इसकी ममता का थाह पाना मुमकिन नहीं है. उक्त बातें श्रवण झा ने मां की महिमा पर प्रकाश डालते हुए भक्तों से कहा. स्थानीय थानेश्वर स्थान मंदिर में सोमवार से नौ दिवसीय सप्तचंडी पाठ सह रुद्राभिषेक की शुरुआत की गयी. इस अवसर पर सिमरिया घाट से जल यात्रा थानेश्वर स्थान पहुंची. जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना की गयी. 18 पंडितों क ी ओर से नमक व चमक के पाठ के साथ बाबा भोले का रुद्राभिषेक कार्य हुआ. संध्या में महाशिवपुराण का पाठ शुरू किया गया. इस बाबत थानेश्वर स्थान के मुख्य पंडा संजय पंडा ने बताया कि भक्तों के कल्याणार्थ व शांति क ा संदेश यह देती है. इस अवसर पर पूरे शहर में इसके प्रसारण की व्यवस्था की गयी है. साथ ही मंदिर परिसर क े साथ ही गर्भगृह की फूलों से विशेष सज्जा कि गयी है. मौके पर शंकर झा, बउआ झा, पिंटु ठाकुर, अमरेश झा आदि शामिल थे.
माता आराधना हर लेती है सभी कष्ट : श्रवण
फोटो संख्या : 15जल यात्रा के साथ नौ दिवसीय सप्तचंडी पाठ शुरूसमस्तीपुर. ‘मां’ शब्द सभी मंत्रों में श्रेष्ठ है. देवी की आराधना सभी कष्टों को तत्काल हर लेती है. सृष्टि की रचना से पालन माता के इच्छा पर ही निर्भर है. इसकी ममता का थाह पाना मुमकिन नहीं है. उक्त बातें श्रवण झा ने मां […]
