पूसा. स्थानीय थाना परिसर में कहने को तो नया पुराने मिलाकर कुल दो चापाकल लगे हैं पर पीने की पानी एक में भी उपलब्ध नहीं है. थाना पर तो कार्य संपादित करने कमोबेश सभी जनप्रतिनिधि पहुंचते हैं लेकिन पानी की आवश्यकता किन्हीं को नहीं पड़ती है. हां अगर पड़ता भी है तो बंद बोतल तो साथ में ही रहता है. बेचारे आम जनता का क्या होगा जो कार्य पूरा करने के वास्ते दिन दिन भर थाने व परिसर स्थित हनुमान जी के मंदिर पर बैठे रहते हैं. थाने पर कार्य हो या फिर शांति समिति की बैठक आने वाले में बुद्धिजीवी के अलावा प्रमुख, उपप्रमुख, पंचायत समिति सदस्य या फिर वार्ड सदस्य ही काहे नहीं हो मुआयना किये जायजा लिए फिर चलते बने. इस बात पर किन्ही व्यक्ति का ध्यान नहीं है कि थाने परिसर में पीने का एक बूंद शुद्ध पानी की व्यवस्था नहीं है. थानाध्यक्ष शैलेश कुमार झा ने स्थानीय मुखिया प्रदीप कुमार मंडल से कई बार कह चुके हैं पर परिणाम सिफर है.
थाना परिसर में भी गहराया पेयजल संकट
पूसा. स्थानीय थाना परिसर में कहने को तो नया पुराने मिलाकर कुल दो चापाकल लगे हैं पर पीने की पानी एक में भी उपलब्ध नहीं है. थाना पर तो कार्य संपादित करने कमोबेश सभी जनप्रतिनिधि पहुंचते हैं लेकिन पानी की आवश्यकता किन्हीं को नहीं पड़ती है. हां अगर पड़ता भी है तो बंद बोतल तो […]
