चार श्रेणी में मांगी गई है रिपोर्ट ग्रामीण विकास विभाग के सचिव ने भेजा पत्रप्रतिनिधि, समस्तीपुर प्रखंड व अंचल कार्यालय अब जीर्ण-शीर्ण, भाड़े के अथवा दूसरे विभाग के भवनों में संचालित नहीं होगा़ इन कार्यालयों के दस्तावेजों की सुरक्षा व प्रखंड स्तरीय सचिवालय को आकर्षण का केंद्र बनाये जाने के उद्देश्य से सरकार ने आरआइडीएफ योजना के तहत नाबार्ड की राशि से प्रखंडों में सुसज्जित भवन निर्माण का निर्णय लिया है़ ग्रामीण विकास विभाग के सचिव प्रदीप कुमार के निर्देश पर जिलाधिकारी ने जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है़ जिले के जिन प्रखंडों का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुके है़ं कार्यालयों का छत बरसात में चूने लगा है, महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरबाद होने लगे हैं उसे प्राथमिकता दी जायेगी़ आरआइडीएफ योजना से प्रखंडों में सुसज्जित भवन बनने की संभावना प्रबल हो गयी है. बताते चलें कि जिले में बीस प्रखंड व अंचल कार्यालय है़ जानकारी के अनुसार रिपोर्ट प्रखंड व अंचल कार्यालयों की चार श्रेणी में मांगी गयी है़ सरकार ने नवसृजित प्रखंड जिसे अपना भवन नहीं है या किराये के मकान में अन्य सरकारी कार्यालय में संचालित है. वैसे प्रखंड जिनका भवन काफी पुराना है, शीघ्र नये भवन बनाने की आवश्यकता है, वैसे प्रखंड जिसके भवन के मात्र जीणार्ेद्धार की आवश्यकता है. वैसे प्रखंड जहां निर्माण, जीणार्ेद्धार की आवश्यकता नहीं है, इसकेसंबंध में अलग-अलग प्रतिवेदन की मांग की है़ जिलाधिकारी एम़ रामचंद्रुडु ने बताया कि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों से प्रखंड के भवन के संबंध में विहित प्रपत्र में प्रतिवेदन की मांग की गयी है जो ग्रामीण विभाग विभाग को भेजा जायेगा.
सुसज्जित होगा प्रखंड व अंचलों का भवन
चार श्रेणी में मांगी गई है रिपोर्ट ग्रामीण विकास विभाग के सचिव ने भेजा पत्रप्रतिनिधि, समस्तीपुर प्रखंड व अंचल कार्यालय अब जीर्ण-शीर्ण, भाड़े के अथवा दूसरे विभाग के भवनों में संचालित नहीं होगा़ इन कार्यालयों के दस्तावेजों की सुरक्षा व प्रखंड स्तरीय सचिवालय को आकर्षण का केंद्र बनाये जाने के उद्देश्य से सरकार ने आरआइडीएफ […]
