समस्तीपुर : रमजानुल मुबारक का पाक महीना गुरुवार की शाम चांद के दीदार के साथ ही शुरू हो गया. मसजिदों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी और नमाज-ए-तरावीह में कुरआन पाक की आयते गुंजने लगी. उधर, घर में महिलाएं पहली सेहरी की तैयारी में जुट गयी. हर ओर रमजान मुबारक, रोजा मुबारक का सिलसिला शुरू हो गया. मसजिदों में सामान्य तरावीह की नमाज का सिलसिला शुरू हो गया तो निजी आवास और बाजार में छह दिवसीय तरावीह भी शुरू हो गयी. लोग खुश थे कि पहला रोजा ही मुबारक दिन जुमा से शुरू हो रहा है.
इसलिए गरमी के बावजूद इस साल का रमजान रोजेदारों के लिए बरकतों, रहमतों तथा गुनाहों से निजात दिलाने वाला साबित होगा. रमजान की पाबंदियां शुरू रामनगर के कारी मोतीउर्र रहमान अशरफी ने कहा कि चांद के दीदार के साथ ही रमजान के पाक होने का आगाज हो गया है. रमजान के दिन रौशन और रात रहमतों वाली होती है. रोजा सिर्फ भूखे रहने का नाम नहीं बल्कि, यह अल्लाह को राजी करने के लिए रखा जाता है. पवित्र कुरआन पाक के आने का क्रम भी रमजान में शुरू हो गया था.
इसलिए इस माह में रात दिन कुरआन पाक जितना पढ़ा जाय, सुना जाय उतना सवाब होगा. गुरुवार की रात ही मस्जिदों में नमाजियों की बहार आ गयी है. जहां कल तक कुछ दर्जन लोग नमाज पढ़ने जाते थे गुरुवार की रात यह संख्या सैकड़ों में पहुंच गयी. रात भर सड़कों पर टोपी सजाये नमाजियों की आवाजाही थी. होटलों और चायखाने में लोग रमजान विशेष डिश का मजा ले रहे थे.
