सरायरंजन : प्रखंड के गुढ़मा गांव निवासी गोपाल ईश्वर की पत्नी पूनम देवी (25) के द्वारा किये गये आत्महत्या करने की कोशिश को स्थानीय लोगों ने सजगता दिखाते हुए नाकाम कर दिया. इससे तीन बच्चों के सिर से मां का साया उठने से बचा लिया गया. जानकारी के अनुसार वैशाली जिला के महुआ थाना के बेला भुसारी गांव निवासी स्व. त्रिभुवन मिश्र की पुत्री पूनम की शादी दस वर्ष पूर्व सरायरंजन के गुढ़मा गांव निवासी गोपाल ईश्वर से हुई थी.
शादी के चंद माह के बाद से पूनम के पति सहित ससुरालियों के द्वारा अक्सर गाली गलौज, मारपीट कर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा. विगत 11 जून को भी सभी ने मिलकर पूनम के साथ मारपीट कर आत्महत्या कर लेने की उकसावपूर्ण बात कह कर प्रताड़ित किया. इसकी जानकारी पूनम ने मोबाइल फोन से अपने मायके वालों को देकर अपने साथ घटित घटना की माकूल जानकारी दी. किसी तरह तारे गिन गिन कर रात गुजारी.
अगले दिन यानी गत 12 जून को ससुरालियों के द्वारा जुल्म ढाये जाने से तंग आकर उसने आत्महत्या करने की नीयत से अपने पीहर को अलविदा कह कर समस्तीपुर शहर के धरमपुर मुहल्ला के समीप रेलवे गुमटी के पास पहुंचकर ट्रेन को आती देख रेलवे ट्रैक पर सो गयी. जिसे देखकर आसपास के सजग लोगों ने स्थिति को भांपकर बगैर समय जाया किये हुए पूनम को खींचकर रेलवे ट्रैक से बाहर किया. घटना की जानकारी नगर पुलिस को दी.
इसके बाद महिला को नगर पुलिस के हवाले कर दिया गया. जहां पूनम ने आप बीती घटित घटना को सुनाते हुए फर्द बयान में पति, सास, गोतनी, जेठ व देवर को नामजद किया. सरायरंजन थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश झा ने बताया कि नगर थाना से आये फर्द बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है.
