विभाग बेखबर, सरकारी राजस्व को क्षतिसमस्तीपुर. विगत कुछ वषार्ें में जिले में चार पहिया वाहनों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है़ इनमें से अधिकांश प्राइवेट नंबर की गाडि़यां टैक्सी के रूप में सड़कों पर फर्राटा भरती है़ सरकारी विभागों व सरकारी कामकाज में भी ऐसे कई प्राइवेट नंबर की गाडि़यों का उपयोग हो रहा है़ परिवहन विभाग इन सब बातों से अनजान नहीं पर करें भी तो क्या करे़ं वित्तीय वर्ष 2014-15 में जिला परिवहन ने भले ही लक्ष्य के विरुद्ध लक्ष्य से अधिक राजस्व की प्राप्ति कर अपनी पीठ थपथपा ली पर सच्चाई है आज भी जिले में सैकड़ों प्राइवेट नंबर की गाडि़यां टैक्सी के रूप में फर्राटे भर रही है और सरकारी राजस्व को चूना लग रहा है़ नियमत: व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल होने वाली चार पहिया वाहनों में नंबर प्लेट पीले रंग से रंगी होनी चाहिए और कर भी व्यावसायिक अदा किया जाना चाहिए़ जिले में पीले नंबर प्लेट वाली व्यावसायिक गाड़ी गाहे-बगाहे ही दिखती है़ जबकि अधिकांश प्राइवेट गाडि़यां टैक्सी के रूप में चल रही है़ जहां तक सरकारी कार्यालय व विभागों की बात है तो जिन विभागों के पास गाडि़यां नहीं, उन विभागों ने भाड़े पर गाडि़यां ले रखी है पर विडंबना है इनमें से भी अधिकांश गाडि़यां प्राइवेट नंबर की ही है़ इन गाडि़यों पर संबंधित विभाग के साहब चढ़ते हैं़ आखिर इन्हें कौन रोकेगा और कौन करेगा जुर्माना़ डीटीओ अरुण कुमार का कहना है प्राइवेट नंबर की गाडि़यां पर पैनी नजर है, जल्द ही अभियान चलाकर जुर्माना लगाया जायेगा.
टैक्सी में फर्राटे भरती प्राइवेट नंबर की गाडि़यां
विभाग बेखबर, सरकारी राजस्व को क्षतिसमस्तीपुर. विगत कुछ वषार्ें में जिले में चार पहिया वाहनों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है़ इनमें से अधिकांश प्राइवेट नंबर की गाडि़यां टैक्सी के रूप में सड़कों पर फर्राटा भरती है़ सरकारी विभागों व सरकारी कामकाज में भी ऐसे कई प्राइवेट नंबर की गाडि़यों का उपयोग हो रहा […]
