समस्तीपुर. पानी में बैक्टेरिया आदि जीवाणु की मौजूदगी की जांच का रास्ता खुल गया है. पेयजल में इनकी उपस्थिति की जांच अब जिला में ही संभव हो सकेगा. इसके लिये पीएचइडी की जिला जांच प्रयोगशाला में ही अब व्यवस्था होगी. इसके लिये एमपीएन अर्थात पेयजल में ऐसे जीवाणु की निश्चित संख्या जांचने की विधि के लिये प्रयोगशाला में उपकरण लगाये जायेंगे. पहले जिला में ऐसी अशुद्धता के लिये सिर्फ इनकी उपस्थिति की ही जांच हो सकती थी. इसकी निश्चित संख्या जांच करने के लिये पानी के नमूने को पटना भेजा जाता था. इसकी रिपोर्ट आने में विभाग को काफी वक्त लग जाता था. तब तक लोग अशुद्ध पेयजल का ही व्यवहार अपने दैनिक कार्यों के लिये करते रहते थे. इस बाबत जिला जांच प्रयोगशाला के रसायनज्ञ संदीप भारती ने बताया कि एमपीएन की संख्या की जांच यहां संभव हो सकेगी. बताते चलें कि पेयजल में जीवाणु की संख्या मानकों के अनुसार 10 तक ही निर्धारित की गयी है. इससे अधिक होने पर वह मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकू ल असर दिखाती है. यह सभी बिमारियों की जड़ होती है जैसे के लिये डायरिया, टाइफाइड,पेचिस, जांडिस आदि.
अब जिले में ही होगी बैक्टॉलाजिकल अशुद्धता की जांच
समस्तीपुर. पानी में बैक्टेरिया आदि जीवाणु की मौजूदगी की जांच का रास्ता खुल गया है. पेयजल में इनकी उपस्थिति की जांच अब जिला में ही संभव हो सकेगा. इसके लिये पीएचइडी की जिला जांच प्रयोगशाला में ही अब व्यवस्था होगी. इसके लिये एमपीएन अर्थात पेयजल में ऐसे जीवाणु की निश्चित संख्या जांचने की विधि के […]
