स्वर्ण व्यवसायी की हत्या करने आये थे अपराधी!

ताजपुर : ताजपुर पुलिस द्वारा शुक्रवार की रात गिरफ्तार अपराधियों के निशाने पर स्वर्ण व्यवसायी विजय कुमार साह ही थे. पुलिस सूत्रों का बताना है कि तीनों अपराधी व्यवसायी की हत्या करने को ही ताजपुर में जमा हुए थे. लेकिन मोबाइल ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस के हत्थे चढ़ गये. एक भागने में सफल रहा. […]

ताजपुर : ताजपुर पुलिस द्वारा शुक्रवार की रात गिरफ्तार अपराधियों के निशाने पर स्वर्ण व्यवसायी विजय कुमार साह ही थे. पुलिस सूत्रों का बताना है कि तीनों अपराधी व्यवसायी की हत्या करने को ही ताजपुर में जमा हुए थे. लेकिन मोबाइल ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस के हत्थे चढ़ गये.
एक भागने में सफल रहा. गिरफ्तार अपराधी में से एक विजय कुमार साह का चचेरा भाई एवं दूसरा मुजफ्फरपुर का शातिर अपराधी है. भागने वाला अपराधी भी मुजफ्फरपुर का ही बताया जाता है.
जानकारों का बताना है कि गत 30 मई को स्वर्ण व्यवसायी सह सिनेमा हॉल के मालिक विजय कुमार साह को धमकाकर 21 लाख रुपये रंगदारी की मांग की थी. व्यवसायी उसी समय से दहशत में चल रहे थे. ताजपुर पुलिस अपराधी के पहचान के लिये रंगदारी मांगे जाने वाले मोबाइल नंबर की ट्रैकिंग कर रही थी.
कैसे हुई गिरफ्तारी
शुक्रवार को ताजपुर थानाध्यक्ष अभिषेक अंजन को गुप्त सूचना मिली थी कि तीन अपराधी बाइक से मुजफ्फरपुर-पूसा मार्ग से ताजपुर में किसी घटना को अंजाम देने के लिये आ रहे हैं. थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ उक्त मार्ग में अपने सीमा ठगवा चौक पहुंचे तो बाइक को खड़ा कर तीन लोगों को मोबाइल पर बात करते देखा. पुलिस को देखते ही तीनों बाइक छोड़कर खेतों में अलग-अलग दिशा में भागने लगे. थाना प्रभारी पैदल ही उसके पीछे दौड़ने लगे.
अपराधी को लगा कि वह पकड़ा जायेगा. तो वह पुलिस पर पिस्टल से फायर करना शुरू कर दिया. काफी दूर पीछा करने के बाद थानाध्यक्ष ने एक अपराधी को पकड़कर गार्ड के हवाले किया.
पुन: बाकी बचे अपराधी का पीछा करने लगे. तब तक ताजपुर थाने के पुलिस फोर्स एवं पूसा थानाध्यक्ष शैलेश झा भी थानाध्यक्ष के साथ अपराधियों का पीछा करने लगे. काफी दूर पीछा करने के बाद दूसरे अपराधी को भी पकड़ लिया. इसी बीच मौका पाकर तीसरा अपराधी भागने में सफल रहा.
ताजपुर में अब तक एक दर्जन मामलों का हो चुका है उद्भेदन
ताजपुर थानाध्यक्ष अभिषेक अंजन द्वारा लगातार अपराधियों के गिरफ्तार करने से अपराध पर अंकुश लग गया है. थानाध्यक्ष ने पिछले वर्ष 15 सितंबर को जाली नोट के साथ विवके कुमार नामक युवक की गिरफ्तारी. पुन: 12 अक्तूबर को जाली नोट के साथ भिण्डी गांव से पंकज कापर एवं पंकज चौधरी की गिरफ्तारी हुई थी.
17 अक्तूबर 2014 को मोतीपुर में डकैती की योजना बना रहे बेगूसराय के चार अपराधी को आर्म्स एवं बोलेरो के साथ गिरफ्तारी किया गया. 14 नवंबर 2014 को मोरवा से हत्याकांड के अभियुक्त की गिरफ्तारी, दिसंबर 2014 में गुनाई बसही से भारी मात्र में शराब बरामद, 22 फरवरी 2015 को ताजपुर कोल्ड स्टोरेज चौक स्थित स्टेट बैंक में लूट की योजना बना रहे अंतरजिला गिरोह के दो अपराधी की गिरफ्तारी, 25 फरवरी को वाहन चोर गिरोह का खुलासा एक गिरफ्तार, 15 फरवरी को लसकार में हो रहे
गांजा की खेती का उद्भेदन, मार्च माह में चोरी के टेंपो के साथ वाहन चोर की गिरफ्तारी, 13 अप्रैल को महिला के शरीर पर तेजाब फेंकने वाले को मोतीपुर से गिरफ्तारी, 6 मई को जिले के मोस्ट वांटेड मुकेश सहनी की गुनाई बसही से गिरफ्तारी, 15 मई को आर्म्स के साथ गुदरी बाजार के मो़ जीमल की गिरफ्तारी एवं तीन दिन पूर्व पेट्रोल पंप सह सोनालिका ट्रैक्टर के मालिक से 10 लाख रूपये रंगदारी मांगने वाले अपराधी पप्पू साह की गिरफ्तारी व शुक्रवार को स्वर्ण व्यवसायी सह सिनेमा हॉल के मालिक से 21 लाख रुपये रंगदारी मांगने व नहीं देने पर हत्या के लिये पहुंचे तीन अपराधियों में से दो की गिरफ्तारी की जा चुकी है.
ताजपुर थानाध्यक्ष द्वारा साहस का परिचय देते हुए लगातार कांड का उद्भेदन कर अपराधियों की गिरफ्तारी करने से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है व अपराध पर विराम लगने की आस जगी है.

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