पटोरी डीएसपी को मुख्यमंत्री ने दिया वीरता पदक

शाहपुर पटोरी : मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद कक्ष में शुक्रवार को जब पटोरी के डीएसपी राजेंद्र सिंह को छठी बार राष्ट्रीय पुलिस पदक सीएम के द्वारा प्रदान किया गया तो वहां मौजूद लोगों में हर्ष व्याप्त हो गया. शनिवार को वे यह सम्मान पाकर पटोरी पहुंचे. इन्हें मिलने वाले इस सम्मान से पटोरी के साथ-साथ […]

शाहपुर पटोरी : मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद कक्ष में शुक्रवार को जब पटोरी के डीएसपी राजेंद्र सिंह को छठी बार राष्ट्रीय पुलिस पदक सीएम के द्वारा प्रदान किया गया तो वहां मौजूद लोगों में हर्ष व्याप्त हो गया. शनिवार को वे यह सम्मान पाकर पटोरी पहुंचे. इन्हें मिलने वाले इस सम्मान से पटोरी के साथ-साथ उनके गांव के लोगों में भी प्रसन्नता है.
ज्ञात हो कि भोजपुर जिले के बड़का लौहर ग्राम निवासी स्व़ डीडी सिंह के पुत्र व स्व़ रामबहल सिंह के पौत्र राजेंद्र की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी पुलिस विभाग से जुड़ी रही है. इनके दादाजी भी राष्ट्रपति पदक प्राप्त पुलिस अधिकारी थे. वहीं पिता पुलिस निरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे.
डीएसपी राजेन्द्र सिंह को राज्य के पुलिस अधिकारियों में मुठभेड़ विशेषज्ञ के रूप में जाना जाता है. 1994 में वीरता पुलिस पदक मिला था. इस दौरान इन्होंने गुठनी (सीवान) में इनामी डकैत लालबाबू भगत व विश्वजीत राम को मुठभेड़ में मार गिराया था. डकैत कालिका तंबोली व इनामी दस्यु सरगना रामाशीष बिंद भी उनकी गोली का शिकार हुआ था.
1997 में उन्हें राष्ट्रपति सराहनीय सेवा पदक, 2002 में उन्हें आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक व वर्ष 2004 में उन्हें राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक मिला. तब वे पटना के कोतवाली थाना में कार्यरत थे. वर्ष 2006 में रेलवे पुलिस गया एवं 2010 में वे रेल डीएसपी, पटना के पद पर कार्यरत थे. इस अवधि में उन्हें क्रमश: राष्ट्रपति पराक्रम पदक व राष्ट्रपति वीरता पुलिस पदक मिला था.

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