अगरबत्ती उद्योग के लिए डिग्री डिप्लोमा जरूरी नहीं : शिशिर

पूसा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के अधीनस्थ गृह विज्ञान महाविद्यालय के व्याख्याता डॉ शिशिर कला ने कहा की अगरबत्ती उद्योग लगाने के लिए छात्राओं को किसी भी प्रकार की डिग्री या डिप्लोमा की आवश्यकता नहीं है. बल्किइसके लिए महज व्यावहारिक ज्ञान, बाजार का अनुभव, मशीन संचालन के साथ अकलमंदी की भी जरूरत होती है. उन्होंने मौजूद […]

पूसा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के अधीनस्थ गृह विज्ञान महाविद्यालय के व्याख्याता डॉ शिशिर कला ने कहा की अगरबत्ती उद्योग लगाने के लिए छात्राओं को किसी भी प्रकार की डिग्री या डिप्लोमा की आवश्यकता नहीं है. बल्किइसके लिए महज व्यावहारिक ज्ञान, बाजार का अनुभव, मशीन संचालन के साथ अकलमंदी की भी जरूरत होती है. उन्होंने मौजूद छात्राओं को प्रत्यक्षण के दौरान बताया की देश स्तर पर इस उद्योग का व्यवसाय कर्णाटक राज्य में लगभग 1000 इकाई में फल फूल रहा है. इस तरह के उद्योग से ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार के बढ़ावा मिलने के साथ ही भारत में ग्रामीण औद्योगिकीकरण को भी विकसित करने में सहायता मिलने की भरपूर मौका मिलता है. आज प्रत्येक भारतीय के घर में अगरबत्ती की मांग जोरों पर है. अगरबत्ती विभिन्न रंगों व अलग अलग सुगंधों में उपलब्ध होता है. विभिन्न बैंक खासकर महिलाओं के लिए योग्यता के आधार पर बहुत सारे योजनाएं लायी है. आज गृह विज्ञान महाविद्यालय से प्रशिक्षण प्राप्त कर क्षेत्र के विभिन्न भागो में प्रतिदिन अगरबत्ती का निर्माण कर सालाना रुपये अर्जित कर रही है.

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