लाचार मरीजों का हाथ पांव बांधकर किया जाता है इलाज

फोटो संख्या : 11समस्तीपुर सदर अस्पताल में मानवाधिकार का खुलेआम हो रहा है उल्लंघनप्रतिनिधि, समस्तीपुर अस्पताल यानी दु:खों से छुटकारा, लेकिन, जिले के सदर अस्पताल में मरीजों का मर्ज ठीक होने के बजाय और बढ़ ही जाता है. शनिवार को सदर अस्पताल में कुछ ऐसा ही देखने को मिला. इमरजेंसी वार्ड के बेड पर हाथ […]

फोटो संख्या : 11समस्तीपुर सदर अस्पताल में मानवाधिकार का खुलेआम हो रहा है उल्लंघनप्रतिनिधि, समस्तीपुर अस्पताल यानी दु:खों से छुटकारा, लेकिन, जिले के सदर अस्पताल में मरीजों का मर्ज ठीक होने के बजाय और बढ़ ही जाता है. शनिवार को सदर अस्पताल में कुछ ऐसा ही देखने को मिला. इमरजेंसी वार्ड के बेड पर हाथ पांव बंधा दर्द से तड़प रहा दस वर्षीय बालक अज्ञात है. जिसे जीआरपी पुलिस ने समस्तीपुर जंकशन से उठाकर अस्पताल पहुंचाया और फरार हो गया. न परिजन न ही कोई अटेंडेट नतीजा देखभाल करे तो कौन. ऊपर से अस्पताल कर्मियों ने उसके दोनों हाथ भी बांध दिये. इस कारण लाचार बालक भोजन भी नहीं खा सकता. इस मायूस लाचार का रो रोकर बुरा हाल बना है. चिकित्सक डॉ आरसीएस वर्मा से पूछने पर उन्होंने बताया कि लड़का मानसिक रोग से बीमार है. इस कारण इस तरह की व्यवस्था में इलाज करना मजबूरी है. सवाल उठता है कि लाचार और बीमारों के लिये सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का लाभ अगर इसे नहीं मिल सकता तो फिर इन योजनाओं का क्या औचित्य रह जाता है. जानकारों का बताना है कि रोगी कल्याण समिति आखिर किसके कल्याण के लिये अस्पतालों में बनायी गयी है.

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