मोरवा. झुलसती गरमी से बेहाल लोगों को शुक्रवार की हुई बारिश ने बड़ी राहत पहुंचायी है. झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे और तपती धरती को भी थोड़ा राहत मिल गयी. आसमान निहार रहे किसान को बारिश न होने से चिंता सता रहा था लेकिन अब उनकी चिंता दूर होती दिख रही है. अब किसान प्लानिंग में जुटे हैं कि धान की खेती का जुगाड़ कैसे हो. बारिश के साथ ही धान बीज के बोरे दुकानों में सजने लगे हैं. अनुदानित बीज भी 16 और 17 जून को मिलेगा. ऐसे में किसान थोड़ा और इंतजार कर थोड़ी और राहत मिलने की बात कर रहे हैं. बारिश से तो झुलसाने वाली गरमी में कमी आयी है लेकिन उमस से लोग परेशान दिखने लगे हंै. किसानों का कहना है कि अब जब बारिश का सौगात मिल ही चुका है तो मेहनत कर अच्छी धान के पैदावार के लिये प्रयास करेंगे. हालांकि विभाग द्वारा चलाये जा रहे उन्नत खेती के तरीके अबतक किसानों तक नहीं पहुंच पाये हैं. विभाग इस बार ट्रांसप्लांटेशन एवं जीरो टिलेज से खेती करने पर ज्यादा जोर दे रही है लेकिन किसान सलाहकारों का हड़ताल इसमें रोड़ा बनता दिख रहा है. विभाग ने चार हजार एकड़ में धान की खेती करने का लक्ष्य रखा है. लेकिन इन समस्याओं से विभाग कैसे निबटेगा यह देखने वाली बात होगी.
झमाझम बारिश से किसानों के खिले चेहरे, गरमी से मिली राहत
मोरवा. झुलसती गरमी से बेहाल लोगों को शुक्रवार की हुई बारिश ने बड़ी राहत पहुंचायी है. झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे और तपती धरती को भी थोड़ा राहत मिल गयी. आसमान निहार रहे किसान को बारिश न होने से चिंता सता रहा था लेकिन अब उनकी चिंता दूर होती दिख रही है. […]
