समस्तीपुर : होल्डिंग टैक्स के दायरे में आने वाली शहर की तकरीबन 68 हजार की आबादी को इस साल होल्डिंग टैक्स की बढ़ी दरों का सामना नहीं करना पड़ेगा़ अप्रैल 2015 से होल्डिंग टैक्स की नई दरें प्रभावी होनी थी, लेकिन प्रोपर्टी टैक्स बोर्ड का गठन समय पर न होने के कारण सरकार ने होल्डिंग टैक्स की दरों में वृद्घि का प्रस्ताव वापस ले लिया है़
लेकिन, दूसरी ओर पुरानी दरों पर ही होल्डिंग टैक्स टैक्स वसूलने के लिए सरकार ने संविदा पर टैक्स कलेक्टरों की बहाली का फैसला जरूर किया है़ संविदा पर नियुक्त टैक्स कलेक्टरों को बेहतर प्रदर्शन करने की स्थिति में सरकार पुरस्कृत भी करेगी़ बताते चलें कि पिछले वर्ष राज्य सरकार ने राजस्व में वृद्घि के इरादे से सूबे के नगर निकायों में होल्डिंग टैक्स के प्रावधानों में व्यापक और समेकित परिवर्तन किये थ़े
शहरी निकायों में किराये पर मकान-जमीन देने पर डेढ़ गुणा अधिक होल्डिंग टैक्स वसूलने से लेकर टैक्स चुकाने में हील हुज्जत और लापरवाही की स्थिति के लिए नियमों को और सख्त कर दिया था़ व्यवस्था बनाई गई सितंबर तक कर न चुकाने वालों से अक्टूबर से हर महीने डेढ़ प्रतिशत के रेट से कुल मूल पर ब्याज की वसूली करने और आंशिक महीने को भी पूरा महीना मानकर ब्याज की गणना करते हुए कर लिया जायेगा़
इसके बाद भी यदि कोई टैक्स नहीं चुकाता है तो ‘नगरपालिका कर तथा गैर राजस्व वसूली विनियम 2014’ के तहत करदाता की आवश्यक सेवाओं को बंद करने और संपत्ति की कुर्की और उसकी बिक्री तक के प्रावधान किये गये थ़े नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा का कहना है कि फिलहाल प्रोपर्टी टैक्स बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है़ लेकिन, पुराना टैक्स वसूलने में टैक्स कलेक्टरों की कमी को बड़ी समस्या मानते हुए सरकार ने फैसला किया है कि संविदा के आधार पर बड़ी संख्या में टैक्स कलेक्टरों की नियुक्ति की जायेगी़
नप को होगा नुकसान
नगर परिषद के आंतरिक संसाधानों को दुरुस्त करने में होल्डिंग टैक्स के माध्यम से वसूली गयी राशि काफी सहायक होती है. बताते चलें कि वित्तीय वर्ष 2013-14 में 20713740 के विरुद्ध मात्र 7137435 रुपये ही होल्डिंग टैक्स के रुप में वसूल की गयी. नये होल्डिंग टैक्स लागू करने को ले कई बार सहमति नहीं बनने के कारण मामला फंसा भी.
