खानपुर : गुरुजी बनने के लिए जब अभ्यर्थी फरजी प्रमाणपत्र का सहारा ले सकते हैं तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि अगर इनकी बहाली हो जाती तो बच्चों को किस प्रकार का ज्ञान देते. महज ये तो संयोग था कि शिक्षा के गुणात्मक विकास में सेंध लगाने से पूर्व नियोजन इकाई ने ऐसे फरजी अभ्यर्थियों को चिह्न्ति कर लिया.
मामले का खुलासा तब हुआ जब विभाग द्वारा प्राप्त सीडी के साथ अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र की जांच की जा रही थी. जिसमें वर्ग 6 से 8 तक में विषयवार कुल 36 तो वर्ग 1 से 5 तक में कुल 77 अभ्यर्थियों का टीइटी पास प्रमाणपत्र फरजी पाया गया.
जानकारी के अनुसार रिक्त पदों पर होने वाले नियोजन की प्रक्रिया में शिक्षक अभ्यर्थियों ने नियोजन इकाई को झांसा देकर टीइटी पासका नकली अंक पत्र आवेदन के साथ जमा कराया था. जिसका खुलासा नियोजन इकाई ने जांच के क्रम में कर लिया. बताया गया कि वर्ग 1 से 5 तक में 81 पदों के विरुद्ध 207 आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे. जिसमें बेसिक ग्रेड में कुल 77 शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रमाण पत्र जांचोपरांत जाली निकला. वहीं स्नातक ग्रेड वर्ग 6 से 8 तक में विषयवार कुल 422 आवेदन प्राप्त हुए थे. जिसमें 36 टीइटी पास शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रमाण पत्र जाली साबित हुआ.
जब नियोजन इकाई ने शिक्षक बनने के लिए दावा पेश करने वाले अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच विभागीय सीडी से मिलान कर किया तो बेसिक ग्रेड में 77 व स्नातक ग्रेड में 36 टीइटी अंक पत्र फरजी पाया गया. इधर सूत्रों की भी माने तो ऐसे अभ्यर्थी खुद को आवेदन का पात्र बताने के लिए उन अभ्यर्थियों को अंकपत्र का सहारा लिया, जो वास्तव में टीइटी पास हैं. इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी देवशरण प्रसाद ने बताया कि विभाग के द्वारा उपलब्ध सीडी के आधार पर प्रमाणपत्रों की जांच की गयी.
