संस्कारों में छुपी है वैज्ञानिक व्याख्या : पुरुषार्थी

फोटो संख्या :::::: 5प्रतिनिधि, समस्तीपुर सोलह संस्कार मात्र वैदिक पद्धति ही नहीं है. इनके पीछे वैज्ञानिक पुट है. जिसने आज भी संस्कारों को जीवित रखा है. उक्त बातें वैदिक प्रवक्ता आचार्य आनंद पुरुषार्थी ने वेद कथा के आयोजन के अवसर पर श्रोताओं से कही. पेठिया गाछी स्थित नवजीवन कल्ब परिसर में तीन दिवसीय वार्षिक वेद […]

फोटो संख्या :::::: 5प्रतिनिधि, समस्तीपुर सोलह संस्कार मात्र वैदिक पद्धति ही नहीं है. इनके पीछे वैज्ञानिक पुट है. जिसने आज भी संस्कारों को जीवित रखा है. उक्त बातें वैदिक प्रवक्ता आचार्य आनंद पुरुषार्थी ने वेद कथा के आयोजन के अवसर पर श्रोताओं से कही. पेठिया गाछी स्थित नवजीवन कल्ब परिसर में तीन दिवसीय वार्षिक वेद कथा का आयोजन किया गया. इस अवसर पर दिल्ली से आये पंडित प्रदीप शास्त्री ने कहा कि संगीत वह है जो वैदिक वचन को आत्मा में लीन कर देती है. डीआरएम अरुण मल्लिक ने इधर हवन कुंड उपहार में देने की घोषणा की. वहीं लोगों ने सभी तरह के व्यसनों से दूर रहने का संकल्प लिया. एमडीएभी गुरुकुल की ओर से चित्र प्रदर्शिनी लगायी गयी. मौके पर आचार्य ज्ञानेंद्र शास्त्री, नवल किशोर भारती, शिवशंकर आर्य, जनक लाल महतो आदि शामिल थे. इधर, मंडल कारा परिसर में शनिवार को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैदिक प्रवक्ता आचार्य आनंद पुरुषार्थी ने अपने प्रवचन से बंद बंदियों के अंदर छुपे हुए पाप को दूर भगाने का अमृत वचन दिया. उन्होंने कहा कि सत्य की राह हमेशा दुखों से भरा नहीं रह सकता है. समय मूल्यवान है. इसी समाज में हमें सत्य की राह अपनाते हुए बेहतर जीवन जीने के कला दिखाई देती है. मौके पर काराधीक्षक मनोज कुमार, प्रभारी जेलर पटेलजी, कक्षपाल व अन्य सुरक्षा कर्मी मौजूद थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >