फोटो संख्या: 13, 14समस्तीपुर. चैत्र माह में होनेवाली सूयार्ेपासना का चार दिवसीय चैती छठ पूजा को लेकर व्रतियों ने बुधवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ दिया़ दिनभर छठ गीतों से आसपास का इलाका गूंजता रहा़ कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए़़, उ जे केरवा जे फरेला घवद से ओपर सुगा मंडराय़़़ आदि गीतों के बीच व्रतियों ने पूजा-अर्चना की़ छठ घाट पर लाइट के अलावा रंग-बिरंगे झालड़ लगाये गये थे़ अर्घ अर्पण करने से समस्त ब्रतांड को तृप्ति मिलती है़ प्रत्यक्ष देव भगवान भास्कर की पूजा से सभी देवता प्रसन्न होते है़ सूर्य की पूजा से मनोकामनाएं निश्चित रूप से पूर्ण होती है़ इधर शहर के बूढी गंडक छठ घाटों श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखी गयी. छठ घाटों की सफाई का जिम्मा स्थानीय युवकों के कंधों पर ही रहा़ नगर परिषद प्रशासन ने इसमे सिर्फ औपचारिकता भर पूरी की, जबकि, संबंधित मोहल्लों के युवकों ने आगे बढ़कर साफ-सफाई का कार्य किया़
चैती छठ : उदीयमान सूर्य को व्रतियों ने दिया अर्घ
फोटो संख्या: 13, 14समस्तीपुर. चैत्र माह में होनेवाली सूयार्ेपासना का चार दिवसीय चैती छठ पूजा को लेकर व्रतियों ने बुधवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ दिया़ दिनभर छठ गीतों से आसपास का इलाका गूंजता रहा़ कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए़़, उ जे केरवा जे फरेला घवद से ओपर सुगा मंडराय़़़ आदि गीतों […]
