पूसा. विकलांगता पर सरकार की नजर है. खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में विकलांगों की संख्या अधिकाधिक है. इनके भविष्य संवारने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलायी जा रही है. अब जरूरत है कृषि क्षेत्र में जोड़कर इन्हें नये तकनीकी के बदौलत आगे बढ़ाने की. उक्त बातें राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के संचार केंद्र में ग्रामीण भारत में विकलांगों के लिए कृषि व्यवसाय में विकास पर दो दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि राज्य सभा सांसद डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा. वक्ताओं ने कहा कि देश स्तर पर 10 फीसदी आबादी विकलांग है. खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक फार डिसेवीलिटी एंड रिहेविटेशन स्टडीज के तत्वावधान में किया गया. मौके पर पूर्व सांसद अश्वमेघ देवी, आलोक मेहता, अशोक वर्मा, डॉ जीएन कर्ण, डॉ पीएन लाभ, डॉ गौरव रहेजा, डॉ भीपीएस अरोड़ा, डॉ पी चंद्रा, डॉ एस कुलकर्णी, डॉ एसपी सिंह के साथ साथ आरएयू के सभी अधिष्ठाता, निदेशक व वैज्ञानिक मौजूद थे. इससे पूर्व मुख्य अतिथि दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का उद्घाटन किया. स्वागत गान कुमारी जयश्री ने प्रस्तुत किया.
ग्रामीण क्षेत्र में विकलांगता अधिकाधिक : सांसद
पूसा. विकलांगता पर सरकार की नजर है. खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में विकलांगों की संख्या अधिकाधिक है. इनके भविष्य संवारने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलायी जा रही है. अब जरूरत है कृषि क्षेत्र में जोड़कर इन्हें नये तकनीकी के बदौलत आगे बढ़ाने की. उक्त बातें राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के संचार केंद्र […]
