सीबीएसइ : हिंसात्मक गतिविधियों पर रोक लगाने की पहल

स्कूलों में मासूमियत बचाओ अभियान चलाने का निर्देशप्रतिनिधि, समस्तीपुरसेंट्रल बोर्ड ऑफ सीनियर सेकेंड्री एजुकेशन (सीबीएसइ) की ओर से सभी स्कूलों में मासूमियत बचाओ अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है़ यह अभियान बच्चों को यौन उत्पीड़न से बचाने के लिए यूनीसेफ की ओर से शुरू किया गया था़ जिसे इस साल सीबीएसइ ने सभी स्कूलों […]

स्कूलों में मासूमियत बचाओ अभियान चलाने का निर्देशप्रतिनिधि, समस्तीपुरसेंट्रल बोर्ड ऑफ सीनियर सेकेंड्री एजुकेशन (सीबीएसइ) की ओर से सभी स्कूलों में मासूमियत बचाओ अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है़ यह अभियान बच्चों को यौन उत्पीड़न से बचाने के लिए यूनीसेफ की ओर से शुरू किया गया था़ जिसे इस साल सीबीएसइ ने सभी स्कूलों में लागू करने का निर्णय लिया है़ सीपीएस के निदेशक मो़ आरिफ ने बताया कि बोर्ड की ओर से यह कदम लैंगिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि सीबीएसइ में पढ़ने वाले छात्र किसी भी तरह की स्थिति में लैंगिक असमानता, शारीरिक शोषण जैसी हिंसात्मक गतिविधियों के शिकार न हों़ सीबीएसइ की ओर से योजना के तहत अभिभावकों को जागरूक करने का प्रयास किया जायेगा़ इसके मुताबिक छात्रों को यौन शोषण के बारे में जानकारी देने के लिए 11 बिंदुओं पर जोर दिया जायेगा़ सीबीएसइ बोर्ड का मानना है कि स्कूल स्तर पर अगर कोई बच्चा इस तरह की हिंसात्मक गतिविधि का शिकार होता है तो आगे उसका भविष्य खतरे में पड़ जाता है, जिस वजह से वह अपने सपनों को साकार नहीं कर पाता है़ सीबीएसइ ने बोर्ड स्कूलों में यह पहल सीसीइ के अंतर्गत की है़ यह पहली क्लास से लेकर सीनियर सेकेंडरी तक लागू की गयी है़ बोर्ड के निर्णय के बाद छात्रों के बीच पढ़ाई को जेंडर फ्रेंडली बनाया जा सकता है़ इतना ही नहीं बोर्ड ने सीनियर सेकेंडरी के छात्रों के लिए एक नया कोर्स ह्यूमन राइट्स एंड जेंडर स्टडीज की शुरुआत भी करने का निर्णय लिया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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