अपने ही पैसे लेने में छूट रहे पसीने

मोरवा. ग्राहक बढते गये सुविधाएं कम होती गयी. आज आलम यह है कि लोगों को अपना पैसा लेने पसीने छूट रहे है. कुछ इसी तरह का हाल बयां कर रहा है बैंक ऑफ इंडिया का कौवा शाखा. मुसरीघरारी एवं पटोरी के बीच का सबसे ज्यादा व्यस्त बैंक. ग्राहकों की संख्या 20 हजार के पार लेकिन […]

मोरवा. ग्राहक बढते गये सुविधाएं कम होती गयी. आज आलम यह है कि लोगों को अपना पैसा लेने पसीने छूट रहे है. कुछ इसी तरह का हाल बयां कर रहा है बैंक ऑफ इंडिया का कौवा शाखा. मुसरीघरारी एवं पटोरी के बीच का सबसे ज्यादा व्यस्त बैंक. ग्राहकों की संख्या 20 हजार के पार लेकिन सुविधा के नदारद. न पार्किंग की व्यवस्था और न ही पेयजल की. शौचालय के लिए भटकना तो लोगों की नियति बन चुकी है. ग्राहकों के हिसाब से बैंक परिसर की जगह काफी छोटी पड़ने लगी है हालांकि नये प्रबंधक के आने के बाद रेनोभेशन से थोड़ा सुधार आया है लेकिन ग्राहकों के हिसाब से यह नाकाफी है. सुबह के आठ बजते ही लोगों का जमावड़ा शुरू हो जाता है और भुगतान प्रक्रिया देर शाम तक चलती रही है. जन धन योजना की शुरुआत के बाद महिला खाताधारियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है लेकिन सुविधाओं के अभाव में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पार्किंग के अभाव में साइकिल और गाडि़यां सड़क पर बेतरतीब लगे होने से लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >