आरएयू में तीन दिनी किसान मेला 14 मार्च से

किसान मेला 2015 का मोनेटरिंग स्वयं कर रहे कुलपतिपूसा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय परिसर में अन्य वर्षो के भांति इस बार भी 14, 15 व 16 मार्च को तीन दिनी किसान मेला 2015 का आगाज होना निश्चित है. इसमें मूलरूप से विकसित कृषि तकनीक को किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य रहता है. साथ ही किसान एवं […]

किसान मेला 2015 का मोनेटरिंग स्वयं कर रहे कुलपतिपूसा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय परिसर में अन्य वर्षो के भांति इस बार भी 14, 15 व 16 मार्च को तीन दिनी किसान मेला 2015 का आगाज होना निश्चित है. इसमें मूलरूप से विकसित कृषि तकनीक को किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य रहता है. साथ ही किसान एवं वैज्ञानिक मंच साझाकर सुदूर ग्रामीण इलाके तक किसानों के बीच उन्नत कृषि तकनीक एवं नवीनतम बीजों का प्रभेद पहुंचाने का सफलतापूर्वक काम किया जाता है. इस मेले में देश के बिहार सहित अन्य राज्यों से भी किसान पहुंचकर कृषि विश्वविद्यालय के तकनीकों का अवलोकन करेंगे. किसान मेला में मुख्य आकर्षक के रूप में कृषक गोष्ठी के अलावे किसानों के लिए प्रथम दिन के शाम में हास्य कवि सम्मेलन तथा दूसरे दिन शाम में समूह के माध्यम से प्रायोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. किसान मेला को यादगार बनाने के लिए कृषि विश्वविद्यालय प्रसार शिक्षा सह निदेशक सह मेला प्रभारी डा. अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित कर मेला से संबंधित सभी कार्यों पर पैनी नजर रखे हैं. इधर कुलपति डा. आरके मित्तल मेला से संबंधित प्रगति की समीक्षा लगातार कर रहे हैं. मेला प्रभारी डा. सिंह ने कहा कि किसान मेला में अधिक से अधिक किसानों की सहभागिता के लिए विश्वविद्यालय अंतर्गत संलग्ण सभी कृषि विज्ञान केंद्रों को निर्देश जारी कर कहा कि उनके क्षेत्रों से अधिक से अधिक संध्या में भाग लेकर लाभ उठावें. इस मेले के माध्यम से आशा की जाती है कि प्रदेश के कृषि उत्पादन में वृद्धि कर कृषि रोड मैप में क्रांति लाया जा सकेगा. इसके साथ ही किसानों को खेती से अधिक लाभ मिल सकेगा.

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