कई माह से 105 कर्मी बगैर वेतन के

समस्तीपुर : नगर परिषद में कार्यरत लगभग 105 कर्मियों का वेतन विगत कई वर्षों से लंबित है. वहीं लगभग 50 सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन योजना से नहीं जोड़ा जा रहा है. भविष्य निधि व जीवन बीमा की राशि कर्मचारियों के खाते में भी नहीं जमा की जा रही है. दैनिक कर्मचारियों को स्थानीय करने की […]

समस्तीपुर : नगर परिषद में कार्यरत लगभग 105 कर्मियों का वेतन विगत कई वर्षों से लंबित है. वहीं लगभग 50 सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन योजना से नहीं जोड़ा जा रहा है. भविष्य निधि व जीवन बीमा की राशि कर्मचारियों के खाते में भी नहीं जमा की जा रही है.
दैनिक कर्मचारियों को स्थानीय करने की मांगें भी लंबित पड़ी हुई है. अपने ही व्यवस्था से क्षुब्ध कर्मचारियों के द्वारा किया जा रहा है आंदोलन कोई नयी बात नहीं है.
हालांकि आंदोलन समाप्ति के लिए पहल करते हुए कई बार अनुमंडल पदाधिकारी आश्वासन की घुट्टी से इन कर्मियों को जरूर पीला चुके हैं. नप प्रशासन की माने तो नगर विकास विभाग के द्वारा प्राप्त वेतन आवंटन व आंतरिक स्त्रोतों से प्राप्त राजस्व के माध्यम से कर्मचारियों का वेतन भुगतान होना है.
लेकिन, नप की जर्जर माली हालत में सुधार करने की दिशा में कर्मचारियों के द्वारा पहल करने के बजाये हड़ताल व आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर कार्य व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं. फिलवक्त नप प्रशासनिक भवन में कर्मचारियों के द्वारा ताला जड़ देने के बाद से शिक्षक नियोजन, निर्वाचन कार्य निश्चत रूप से प्रभावित हो रहा है.
किस पर करें यकीन
आंदोलनरत कर्मियों का कहना है कि नप प्रशासन के पास वेतन मद के लिए 3 करोड़ रुपये उपलब्ध है. फिर भी 32 माह का वेतन बकाया रखने का क्या औचित्य है.
वहीं नप प्रशासन की माने तो विभाग द्वारा आवंटित तीन करोड़ की राशि में कई योजनाओं की राशि भी शामिल है, जिसकी जानकारी कर्मियों के पास भी उपलब्ध है. नप प्रशासन से ज्यादा वे कर्मचारी दोषी है, जो स्थापना का कार्य देखते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >