वारिसनगर थाना क्षेत्र के लवहट्टा गांव में स्कॉर्पियो सवार अपराधियों ने दिया घटना को अंजाम
पुलिस की दबिश पर शहर के बहादुरपुर बाइपास बांध किनारे किशोर को छोड़ कर भाग गये अपहर्ता
समस्तीपुर/वारिसनगर : वारिसनगर थाना क्षेत्र के लवहट्टा गांव से 15 वर्षीय एक किशोर का फिरौती के लिए अपहरण कर लिये जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. अपहृत किशोर लवहट्टा निवासी लालबाबू पासवान का पुत्र विपिन कुमार बताया जाता है़ हालांकि जिला पुलिस की मुस्तैदी के कारण अपराधियों का मनसूबा सफल नहीं हो पाया. पुलिसिया दबिश बढ़ने पर अपराधी फिरौती वसूली से पहले ही अपहृत को शहर के बहादुरपुर पुरानी दुर्गा स्थान के समीप बाइपास बांध किनारे छोड़कर फरार हो गये.
इस तरह से अपहरण के करीब 12 घंटे बाद पुलिस ने अपहृत किशोर को अर्द्ध बेहोशी की हालत में बरामद कर लिया़ घटना सोमवार की सुबह करीब दस बजे की बतायी जा रही है. अपहृत किशोर के अनुसार जब परोरिया के समीप अपने खेत में आलू की रोपनी करने जा रहा था, उसी समय एक पुलिया पर काले रंग के स्कॉर्पियो पर सवार अपराधियों ने उसका अपहरण कर लिया. विपिन के मुताबिक अपहरण के बाद अपराधियों ने उसके हाथ-पैर और मुंह बांधकर उसके माथे पर बेहोशी की एक सूई लगा दी.
इसके बाद वह बेहोश हो गया. जब उसे होश आया तो शाम हो चुका था और वह एक गाछी में था. इसके बाद अपराधियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी और पिता से चार-पांच लाख रुपये दिलवाने की बात करने लगे. बाद में जब उसकी पिता से मोबाइल पर बात करवायी और रुपये लेकर आने को कहा गया तब परिजनों को अपहण की जानकारी हुई. परिजनों के द्वारा घटना की सूचना दिये जाने पर हरकत में आयी पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी शुरू की.
इसमें वारिसनगर, खानपुर, मथुरापुर, मुफस्सिल एवं नगर थाना की पुलिस को लगाया गया था. बताया जाता है कि सदर डीएसपी प्रितिश कुमार पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे थे. एसपी विकास बर्मन स्वयं इस घटना की मॉनीटरिंग कर रहे थे. घटनास्थल के आसपास के सभी थाना क्षेत्रों की नाकेबंदी कर दी गयी थी.
पुलिस करेगी कई बिंदुओं पर जांच : जानकारी के अनुसार, अपहृत के पिता को फोन करने वाले दो लोगों की तस्वीर मोबाइल के कॉलर ट्यून से हाथ लगी है. जिसे उसने पुलिस को उपलब्ध करा दिया है. इसमें से एक युवक की पहचान भी अपहृत ने की है. जो अपराधियों के साथ शामिल था. उसी युवक ने उसके पिता को फोन करके फिरौती की मांग की थी़ दूसरी तरफ पुलिस इसे लेन-देन के मामले से भी जोड़कर देख रही है़ क्योंकि अपहृत के भाई के मोबाइल पर फोन कर अपहरणकर्ता ने मात्र चालीस हजार रुपये की मांग की थी.
