दरभंगा बाइपास बनेगा नया स्टेशन
समस्तीपुर : पटना व राजेंद्र नगर टर्मिनल के तर्ज पर जल्द ही दरभंगा में भी दो स्टेशन लोगों को उपलब्ध हो जायेंगे. दरभंगा बाइपास नाम से एक नये स्टेशन को बनाने के लिये समस्तीपुर रेल मंडल के निर्माण विभाग ने कार्य योजना तैयार कर ली है. सीसो हॉल्ट से ककरघट्टी के बीच प्रस्तावित नये रेल […]
समस्तीपुर : पटना व राजेंद्र नगर टर्मिनल के तर्ज पर जल्द ही दरभंगा में भी दो स्टेशन लोगों को उपलब्ध हो जायेंगे. दरभंगा बाइपास नाम से एक नये स्टेशन को बनाने के लिये समस्तीपुर रेल मंडल के निर्माण विभाग ने कार्य योजना तैयार कर ली है. सीसो हॉल्ट से ककरघट्टी के बीच प्रस्तावित नये रेल लाइन के रूट में ही दरभंगा बाइपास स्टेशन भी बनाया जायेगा.
यह नया रेलखंड करीब 9.84 किलोमीटर लंबा होगा. जिसके निर्माण पर 252 करोड़ खर्च होगा. इसमें नये स्टेशन बिल्डिंग के साथ ही नये ट्रैक बिछाने, भूमि अधिग्रहण, सिग्नल, अंडरपास सहित सभी कार्यों को पूरा किया जाना है.
दरभंगा जंक्शन से जोड़े बिना इसे बाइपास होते हुए सीसो हॉल्ट तक ले जाया जायेगा. यह नया रेल लाइन पूरी तरह विद्युतीकृत होगा. निर्माण विभाग की माने, तो नयी परियोजना में अब नया समपार फाटक बनाने का काम नहीं किया जायेगा. जहां नया समपार फाटक बनेगा, वहां इसकी जगह सीधे रेलवे भूमिगत अंडरपास बनायेगा. पुराने समपार फाटकों को जस के तस रखा जायेगा. फिलहाल रेलवे ने जिस स्थल को दरभंगा बाइपास के लिये चयनित किया है, वह बस स्टैंड से महज 400 मीटर की दूरी के अंदर ही है.
हालांकि, इस कार्य में रेलवे को कई समस्याओं को भी झेलना होगा. इस रेलखंड पर लगभग 3.5 किलोमीटर क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण करना रेलवे की बड़ी चुनौती होगी. उधर, फारबिसगंज से कोसी ब्रिज से झंझारपुर होते हुए सामरिक दृष्टि से बनने वालर रेल लाइन के लिये दरभंगा बाइपास होते हुए ट्रेनों का परिचालन किया जायेगा. रेल सूत्रों की माने, तो मालगाड़ियों के परिचालन की दृष्टि से बाइपास होते हुए इसे आगे रक्सौल के लिए रवाना कर दिया जायेगा. इससे दरभंगा स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव नहीं रहेगा.
भविष्य में मेल, एक्सप्रेस व सवारी गाड़ियों को भी बेहतर रूट मिल सकेगा. विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इस रेलखंड के निर्माण से सीतामढ़ी, मधुबनी, फारबिसगंज, दरभंगा, समस्तीपुर के लोगों को फायदा होने की उम्मीद है. लोगों यात्रा के दौरान पैसे के साथ साथ समय की भी बचत होगी. सीतामढ़ी-दरभंगा व निर्मली-मधुबनी वाली ट्रैक दोनों आकर यहां जुड़ेगी. फारबिसगंज प्रोजेक्ट के तहत कार्य का प्रस्तावित है.