पुराने गंडक रेल पुल पर छह जगह लगे डायल, डिफलेक्शन मिला 34 एमएम

समस्तीपुर-किशनपुर रेलखंड पर देर रात चार घंटे तक चली जांच तीनों स्टेशनों पर एक साथ ही नन इंटरलॉकिंग का किया जा सकता है कार्य समस्तीपुर : समस्तीपुर-किशनपुर रेलखंड के नव निमित रेल लाइन पर पड़ने वाले पुराने गंडक रेल पुल डिफलेक्शन टेस्ट में पास हो गया है. रविवार की रात किये गये डिफ्लेक्शन टेस्ट में […]

समस्तीपुर-किशनपुर रेलखंड पर देर रात चार घंटे तक चली जांच

तीनों स्टेशनों पर एक साथ ही नन इंटरलॉकिंग का किया जा सकता है कार्य

समस्तीपुर : समस्तीपुर-किशनपुर रेलखंड के नव निमित रेल लाइन पर पड़ने वाले पुराने गंडक रेल पुल डिफलेक्शन टेस्ट में पास हो गया है. रविवार की रात किये गये डिफ्लेक्शन टेस्ट में पुल की सीमा 34 एमएम पायी गयी जो रेलवे के मानक 50 एमएम के दायरे के अंदर है. इसके बाद निर्माण विभाग के अभियंताओं ने चैन की सांस ली.

पुराने रेल पुल की मजबूती की जांच को लेकर गार्डर पर विशेष उपकरण लगाये गये. इसके लिये 6 डायल लगाने का काम किया गया. इस उपकरण के सहारे ट्रेन के पास करने पर गार्डर पर कितना प्रभाव होता है इसकी जांच की जाती है. देर रात 8.30 बजे यह जांच शुरु हुई जो देर रात 12.30 बजे तक चला.

इस डिफलेक्शन टेस्ट के लिये डबल रेल इंजन को 20 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाई गयी. पुल पर 3 जगह इंजन कोखड़ा रखा गया. इसके बाद गार्डर पर इसका कितना प्रभाव होता है इसकी रिपोर्ट तैयार की गयी. सोमवार को पुल की जांच रिपोर्ट महेंद्रू स्थित निर्माण विभाग को सौंप दी जायेगी. इस दौरान अभियंताओं की टीम रेल पुल पर उपस्थित रही.

इसमें कोलकता से आये दीपांकर भट्टाचार्या, मुख्य अभियंता निर्माणशैलेंद्र प्रसाद, उप मुख्य अभियंता निर्माण जेके सिंह, मंडल पुल अभियंता टी.सोनेबाल, एइएन निर्माण विजय शंकर सिंह, इंजन को एस्कार्ट कर रहे बी. मांझी शामिल थे.रात के दौरान उक्त स्थल पर प्रकाश की व्यव्स्था करने की जवाबदेही सीनियर सेक्शन इंजीनियर विद्युत शैलेंद्र कुमार सिंह थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >