किसान के बागीचों और डिजिटल सिंचाई सिस्टम को देख कहा ये तो खुद सेंटर ऑफ एक्सलेंस बन चुके
समस्तीपुर : सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार के किसान वैज्ञानिक से ज्यादा समझदार हैं. किसान खुद अपनी खेती को बढ़ावा देने के लिये कई तरह के टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं. वह गुरुवार को जिले के नयानगर में किसान के खेत में लगे डिजिटल सिंचाई सिस्टम का उद्घाटन करने पहुंचे थे़.
मुख्यमंत्री ने किसान के द्वारा लगाये बागीचे को देखकर प्रसन्नता जाहिर की़ कहा कि नालंदा जिले का चडी सब्जी की खेती के मामले में सेन्टर ऑफ एक्सलेंस बन गया है़ वहीं वैशाली जिले का देसरी फल के मामले में सेंटर ऑफ एक्सलेंस बना है़ यहां पूरी तरह नयानगर में किसान सुधांशु कुमार के बागीचे तथा डिजिटल सिंचाई सिस्टम को देखकर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये तो खुद सेंटर ऑफ एक्सलेंस बन चुके हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक से अधिक किसानों को यहां बुलाकर प्रशिक्षण दें.
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान आर्गेनिक खेती को ज्यादा से ज्यादा विकसित करें. यह पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिये श्रेयकर होगा़ उन्होंने कहा कि पहले के जमाने में कौन सा केमिकल फर्टिलाइजर का उपयोग होता था़ किसान तेजी से आर्गेनिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं.
कृषि विकास के लिये बनाये जा रहे रोड मैप को पूरी तरह धरातल पर उतारा जाएगा़ मुख्यमंत्री सबसे पहले किसान के द्वारा 23 एकड़ में लगाये गये केले, अमरूद, बेदाना, शरीफा, बेल, जामुन आदि के बागीचे को देखा़ इन पौधों की सिंचाई किसान डिजिटल सिस्टम से कर रहे है़ं पानी के जरिये पौधे में लिक्विड फर्टीलाइजर भी दिया जा रहा है़ मुख्यमंत्री डिजिटल सिस्टम का उद्घाटन करने के बाद खेत में जाकर पौधे और हो सही सिंचाई को देखा़ उसके बाद मुख्यमंत्री यहां से कुछ दूरी पर किसान के द्वारा लगाये गये लीची के बागीचे को जाकर देखा.
इस बगीचे में लगे लीची की सिंचाई के लिये किसान ने स्प्रिंकलर और ड्रिप सिस्टम लगा रखा है़ किसान ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने पुराने लीची के पौधे की पूरी तरह कटिंग कर दी है़ लीची के पेड़ को 20 फीट से ज्यादा ऊंचा नहीं होने देते हैं. इससे लेबर सहित सभी तरह के खर्च में कमी आती है़ मुख्यमंत्री के साथ बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, गृह सचिव अमीर सुबहानी, डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय भी मौजूद थे़
