ठाकुरबाड़ी के सेवक की हत्या कर लूट ली करोड़ों की मूर्तियां

रोसड़ा (समस्तीपुर) : विभूतिपुर थाना क्षेत्र की महथी उत्तर पंचायत वार्ड नंबर नौ में मोहल्ले के बीच स्थित मुरली मनोहर ठाकुरबाड़ी में गुरुवार की रात अपराधियों ने ताला तोड़कर सैकड़ों साल पुरानी बेशकीमती अष्टधातु की करोड़ों के मूल्य की 26 मूर्तियां एवं लगभग 25 शालिग्राम को अपराधी लूट लिये. ठाकुरबाड़ी में बरामदे पर सो रहे […]

रोसड़ा (समस्तीपुर) : विभूतिपुर थाना क्षेत्र की महथी उत्तर पंचायत वार्ड नंबर नौ में मोहल्ले के बीच स्थित मुरली मनोहर ठाकुरबाड़ी में गुरुवार की रात अपराधियों ने ताला तोड़कर सैकड़ों साल पुरानी बेशकीमती अष्टधातु की करोड़ों के मूल्य की 26 मूर्तियां एवं लगभग 25 शालिग्राम को अपराधी लूट लिये. ठाकुरबाड़ी में बरामदे पर सो रहे सेवक व महंत पर अपराधियों ने धारदार हथियार से प्रहार कर बुरी तरह घायल कर दिया.

इसमें सेवक अवधेश प्रसाद सिंह (65) की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी. बेगूसराय के लोदीपुर निवासी महंत राम कुमार दास (50) को गंभीर हालत में डॉक्टरों ने पीएमसीएच रेफर कर दिया है.घटना गुरुवार की रात करीब एक बजे की है.
शुक्रवार की सुबह सूचना पर पहुंचे डीएसपी अजीत कुमार, इंस्पेक्टर सुबोध कुमार चौधरी व विभूतिपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार ने घटनास्थल का जायजा लिया. घटना की जानकारी ग्रामीणों को शुक्रवार सुबह करीब छह बजे मिली. इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब मंदिर में प्रवेश किया, तो सेवक अवधेश प्रसाद सिंह का शव मंदिर परिसर में पड़ा हुआ था. महंत राम कुमार दास घायल अवस्था में कराह रहे थे.
अष्टधातु की 26 मूर्तियां व 25 शालिग्राम की हुई लूट
राम, सीता, लक्ष्मण, राधा-कृष्ण, हनुमान, नाग समेत करीब 26 भगवान के अष्टधातु की छोटी बड़ी मूर्तियां लूटी गयीं. ग्रामीणों की मानें तो राम, सीता व लक्ष्मण समेत चार बड़ी अष्टधातु की अलग-अलग मूर्तियों का वजन 20 किलोग्राम से अधिक था. इसके अलावा अन्य छोटी मूर्तियों का वजन 100 ग्राम से लेकर ढाई किलोग्राम होगा.
गवाही में दारोगा बोले, प्रतापपुर गोलीकांड में शहाबुद्दीन का हाथ
सीवान. मंडल कारा में गठित विशेष न्यायालय में विशेष न्यायाधीश विनोद शुक्ल की अदालत ने तत्कालीन हुसैनगंज थानाध्यक्ष शिवजी सिंह ने पूर्व सांसद के खिलाफ गवाही दी. उन्होंने कहा कि कहा कि प्रतापपुर गोलीकांड व तत्कालीन एसडीपीओ से मारपीट में पूर्व सांसद मो शहाबुद्दीन का हाथ था. 16 मार्च, 2002 को शहाबुद्दीन के गांव प्रतापपुर में पुलिस और शहाबुद्दीन और उनके समर्थकों के बीच गोलीबारी हुई थी, जिसमें मो शहाबुद्दीन शामिल थे. एक अन्य मामला दारोगा प्रसाद राय कॉलेज पर शहाबुद्दीन के समर्थकों द्वारा तत्कालीन एसडीपीओ संजीव कुमार के साथ मारपीट से जुड़ा है. शहाबुद्दीन की तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी की गयी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >