अच्छी फसल के लिए भू-जल को रिचार्ज करना जरूरी

फसलों के लिए सूक्ष्म सिंचाई योजना तकनीक पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन पूसा : डा़ॅ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के निदेशक प्रसाद डा़ॅ केएम सिंह ने कहा कि जल की मात्रा में निंरतर हो रही कमी एक गंभीर समस्या है. इसके लिए समय रहते सचेत होने की जरूरत है. अन्यथा एक दिन […]

फसलों के लिए सूक्ष्म सिंचाई योजना तकनीक पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन

पूसा : डा़ॅ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के निदेशक प्रसाद डा़ॅ केएम सिंह ने कहा कि जल की मात्रा में निंरतर हो रही कमी एक गंभीर समस्या है.
इसके लिए समय रहते सचेत होने की जरूरत है. अन्यथा एक दिन पानी के लिए युद्ध होना तय है. आत्मा प्रायोजित सीतामढ़ी के किसानों को विभिन्न फसलों के लिए सूक्ष्म सिंचाई योजना तकनीक पर आधारित पांच दिनी प्रशिक्षण की अध्यक्षता करते हुए प्रसार शिक्षा निदेशक डाॅ. सिंह ने सोमवार को कहा कि मौसम तेजी से बदल रहा है. ऐसे में भूजल को अतिशीघ्र रिचार्ज करना जरूरी है. नेपाल से बिहार के करीब रहने के कारण वहां पर होने वाली वर्षा से या फिर डम्फ पानी से हमारे यहां की नदियां खुले तौर से प्रभावित हो रही है. नेपाल से आने वाले बाढ़ या नदियों के पानी से जमने वाले गाद फसलों को शत प्रतिशत नुकसान पहुंचा रहा है. नदियों व भूमि के समतलीकरण को भी दुष्प्रभावित कर रहा है.
इससे नदियों का जलधारण क्षमता बिल्कुल ही क्षीण होती जा रही है. चीन में ब्रह्मपुत्र नदी की दिशा को परिवर्तित किया जा रहा है. जल का विवेकपूर्ण उपयोग ही भविष्य के लिए जल उपलब्ध करा पायेगा. अपने लिए नहीं भविष्य के लिए जल संरक्षित करने की अत्यंत आवश्यकता है. मौके पर मौजूद विवि के कृषि अधिष्ठाता डा़ॅ रामसुरेश ने किसानों की खुशहाली को ही इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बताया. इस अवसर पर आत्मा सीतामढ़ी से आये 25 किसानों के अवाला विश्वविद्यालय के कर्मी मौजूद थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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