हादसा. मोहिउद्दीननगर-बछवाड़ा रेलवे गुमटी पर हुई घटना
विद्यापतिनगर : सावधानी गयी, दुर्घटना हुई़ मंगलवार को विद्यापतिधाम ग्यारह नंबर रेल गुमटी पर हुई रेल दुर्घटना इसके गवाह हैं. ट्रैक्टर चालक ने यदि थोड़ी सी सावधानी बरती होती तो घटना टल सकती थी़ घने कोहरे के बीच चालक ने मानव रहित गुमटी को बिना सावधानी बरते पार करने की जिद के परिणाम स्वरूप राजधानी जैसे एक्सप्रेस की चपेट में आने से उसकी जान गयी़ बताया जाता जाता है बालू लदे ट्रैक्टर ट्रॉली को मोहिउद्दीननगर की ओर से उसका चालक लखन राय सिमरी की ओर लेकर जा रहा था़
इसके आगे एक और बालू लदे ट्रैक्टर चल रहे थे़ इस दौरान मोहिउद्दीननगर बछवाड़ा रेल ट्रैक के ग्यारह नंबर मानव रहित रेलवे गुमटी को पार करने के क्रम में पीछे चल रही ट्रैक्टर ट्रॉली का पिछल भाग डाउन राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आ गया़ इससे उसके परखचे उड़ गये़ चालक गंभीर रुप से जख्मी हो अपनी सीट पर दबा रह गया़ घटना से जोर की आवाज सुन दौड़े लोगों ने चालक को किसी तरह बाहर निकाल इलाज के लिये मोहिउद्दीननगर पीएचसी भेजा़ जहां उसकी सांसे थम चुकी थी़
काश ! चालक ने रेल मित्र की मानी होती बात : घटना को लेकर सहायक रेल अभियंता केडी सिंह ने बताया कि ट्रैक्टर चला रहे चालक को गुमटी पार करने से पहले गुमटी पर तैनात रेल मित्र प्रवीण कुमार ने उसे ट्रैक्टर को पार किये जाने से मनाही की थी़ नहीं मानने पर घटना घटी़ अभियंता ने बताया कि उक्त गुमटी के निकट 2016 में भूमिगत रेलवे समपार गुमटी बनाये जाने की कवायद रेल प्रशासन ने की थी़ अप्रैल 2017 में इस पर कार्य प्रारंभ किया जाना था़ जिसका विरोध स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य रोक दिया़ यदि समपार बना होता तो यह घटना नहीं होती़ वहीं घटना को लेकर आक्रोशित व ट्रैक जाम कर रहे लोगों ने बताया कि मानव रहित गुमटी को हटाये जाने का विरोध करते हुए पूर्व में रेल प्रशासन से उक्त गुमटी को जारी रखते हुए वहां मानव बल को नियुक्त किये जाने व गुमटी से जुड़ी अन्य सुविधा दिये जाने की मांग की थी़ जिसे रेल प्रशासन ने खटायी में रखा है़ लोगों का कहना था कि रेल प्रशासन के समपार गुमटी बनाये जाने से बरसात के दौरान उत्तरी एवं दक्षिणी हिस्सों का आवागमन प्रभावित होगा़ बाढ़ व बरसात के कारण आसपास के भू -भाग में पांच से छह फुट पानी जमा हो जाता है़
